
फर्रुखाबाद. कासगंज में हुई घटना के विरोध में हिन्दू महासभा के नेताओं ने नगर का मुख्य बाजार बंद कराने की घोषणा की थी, जिसके चलते अधिकतर रविवार को लगने वाला बाजार बंद रहा, लेकिन पुलिस दुकानदारों को दुकान खोलने का दबाव बनाती रही। हिन्दू महासभा के जिलाध्यक्ष विमलेश मिश्रा अपने साथियों के साथ चौक से लाल दरवाजे तक का बाजार बंद कराने के लिए नारेबाजी के साथ बाजार बंद कराया। रविवार को लगने वाला बाजार भी पूरी तरह बंद रहा।
हिन्दू महासभा के द्वारा बाजार बंद कराने की सूचना पर सीओ सिटी शरद चन्द्र शर्मा, कोतवाल संजीव राठौर, मऊदरवाजा के प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार, कई चौकी इंचार्ज व पीएसी के साथ मौके पर पंहुचे। पुलिस ने दुकाने बंद कर रहे दुकानदारों से बाजार खोलने के लिए कहा और उन्हें समझाया कि पुलिस उनकी सुरक्षा में है, लेकिन इसके बाद भी बाजार नहीं खुला।
पुलिस और हिन्दू महासभा के बीच गोरिल्ला युद्ध चलता रहा और शहर की दुकानें लगभग सभी बंद रहीं। जिले में अफवाहों का दौर हावी रहा, जिसके चलते लोग अपने घरों में दुबक गए और मामले की जानकारी फ़ोन से लेने लगे, लेकिन सबसे बड़ी बात है कि जिले की पुलिस को सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखने की आवश्यकता होनी चाहिए थी, लेकिन जिले की सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए अभी तक कोई टीम नहीं बनाई। जब बात कि गई तो उन्होंने एक टीम केवल अफ़वाह फैलाने वालों पर नजर जमा दी है। फर्रुखाबाद गंगा जमुनी तहजीब की मिशाल माना जाता है, उसको कायम रखने के लिए जिला प्रसाशन ने समाज के बुद्धिजीवियों से बातचीत कर शहर में माहौल खराब करने वालों पर नजर रखने में मदद की मांग रखी है।