
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार त्रयोदशी के दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है। प्रदोष के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। इस व्रत को भगवान शिव और माता पार्वती को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस दिन श्रृद्धापूर्वक व्रत रखने से व्यक्ति को जीवन में सफलता प्राप्त होती है साथ ही साथ दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि औऱ सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा की जाती है। प्रदोष व्रत हर महीने में दो बार शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में आता है। इस बार कृष्ण पक्ष में 2 फरवारी 2019, शनिवार के दिन प्रदोष व्रत रखा जाएगा। चूंकी प्रदोष शनिवार के दिन पड़ रहा है इसलिए यह शनि प्रदोष कहलाएगा। पौराणिक मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत करने वाले साधक पर सदैव भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और उसका दु:ख दारिद्रय दूर होता है और कर्ज से मुक्ति मिलती है।
वार के अऩुसार प्रदोष का मिलता है लाभ
7. शनिवार को व्रत रखने से संतान प्राप्त होती है।
शनि प्रदोष व्रत विधि
त्रयोदशी के दिन साधक को सुबह उठकर स्नान-ध्यान के बाद इस व्रत का संकल्प करना चाहिए। पूरे दिन व्रत रखते हुए सायंकाल सूर्यास्त के बाद एक बार फिर स्नान करने के बाद भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन एवं साधना करना चाहिए। भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत पुत्र की कामना, कर्ज से से मुक्ति, सुख-समृद्धि-सौभाग्य और आरोग्य आदि की मनोकामनाओं के लिया जाता है।
Updated on:
28 Jan 2019 03:24 pm
Published on:
28 Jan 2019 03:24 pm
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