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दिल्ली मेट्रो बंद करने के आरोप पर DMRC का जवाब, कहा- 10 अक्टूबर को चलीं 271 ट्रेनें, 45 स्टेशनों पर थी पाबंदी

Metro Station Restrictions: दिल्ली मेट्रो ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान मेट्रो सेवा पूरी तरह बंद नहीं हुई थी। DMRC के मुताबिक, उस दिन 271 ट्रेनों ने 4,157 चक्कर लगाए और पाबंदी 45 स्टेशनों पर रही।
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DMRC Supreme Court

दिल्ली मेट्रो ने सुप्रीम कोर्ट में अपने जवाब में कहा कि 10 अक्टूबर को ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहीं। (फोटो सोर्स-ANI)

Delhi Metro: 10 अक्टूबर को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान मेट्रो बंद करने के आरोपों पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा है। DMRC का कहना है कि उस दिन मेट्रो पूरी तरह बंद नहीं थी। ट्रेनें चलती रहीं, लेकिन पुलिस के निर्देश पर कुछ स्टेशनों पर यात्रियों के आने-जाने पर रोक लगाई गई थी।

DMRC के मुताबिक, 10 अक्टूबर को 271 मेट्रो ट्रेनों ने कुल 4,157 चक्कर लगाए। मेट्रो प्रशासन ने कहा कि ट्रेनों के संचालन में कोई कटौती नहीं की गई थी। यह जवाब सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने के आरोपों से जुड़े मामले में दिया गया है।

पहले 57 स्टेशनों पर लगी थी रोक

DMRC ने अदालत को बताया कि दिल्ली पुलिस ने 8 अक्टूबर को 303 में से 57 मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और बाहर निकलने पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। हालांकि, इन स्टेशनों पर पाबंदी के बावजूद ट्रेनें चलती रहीं।

इसके बाद 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पाबंदी वाले स्टेशनों की संख्या 57 से घटाकर 45 कर दी गई। DMRC के मुताबिक, बाकी 258 स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही जारी रही।

मेट्रो प्रशासन ने यह भी बताया कि कई बड़े इंटरचेंज स्टेशनों पर यात्री एक मेट्रो लाइन से दूसरी लाइन में जा सकते थे। यानी कुछ स्टेशनों पर रोक होने के बावजूद पूरे मेट्रो नेटवर्क को बंद नहीं किया गया था।

यात्रियों को कैसे दी गई जानकारी?

DMRC के मुताबिक, प्रभावित स्टेशनों पर पुलिस के निर्देशों के मुताबिक व्यवस्था की गई थी। विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन पर बाहर निकलने वाले गेट खुले रखे गए, जबकि जीटीबी नगर स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया।

यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए स्टेशनों पर घोषणाएं की गईं और सूचना देने वाले बोर्ड लगाए गए। इसके अलावा सोशल मीडिया, DMRC की वेबसाइट और सारथी ऐप के जरिए भी लोगों को मेट्रो सेवाओं में हुए बदलावों की जानकारी दी गई।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़ा है मामला

यह विवाद 10 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशनों पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर है। याचिका में आरोप लगाया गया कि मेट्रो सेवाओं पर रोक लगाने के कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ थे।

अदालत ने मेट्रो सेवाओं को पूरी तरह रोकने के बजाय जरूरत के मुताबिक यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित करने की बात कही थी। DMRC का कहना है कि उसने इसी निर्देश के तहत कुछ स्टेशनों पर पाबंदी लगाई, जबकि ट्रेनें चलती रहीं। अब मामले की आगे की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट DMRC के जवाब पर विचार करेगा।

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