Vaishakha Purnima 2021: ये है वैशाख पूर्णिमा पर पूजा का सटिक समय, भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी भी ऐसे होंगी प्रसन्न

इस दिन दान पुण्य का विशेष महत्व...

By: दीपेश तिवारी

Published: 25 May 2021, 01:35 PM IST

हिंदू कलैंडर के दूसरे माह यानि वैशाख माह में आने वाली पूर्णिमा को वैशाख पूर्णिमा Vaishakha Purnima या बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों में इस दिन दान पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है।

अत: पूर्णिमा के जरूरतमंदों के भोजन और दान आदि करने के अलावा हो सके तो इस दिन Ganga या किसी पवित्र नदी में स्नान भी करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से धन धान्य और वैभव की प्राप्ति होती है।

लेकिन इस बार corona pandemic के चलते भक्तों का स्नान करने नदियों तक जाना मुश्किल रह सकता है, ऐसे में वैशाख पूर्णिमा Vaishakha Purnima 2021 पर इस बार कोरोना महामारी के चलते घर में ही रहना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।

इस बार घर में ही एक खाली बाल्टी में गंगाजल डालकर उसे पानी से भरकर स्नान करें, माना जाता है कि ऐसे में से भी गंगा स्नान का ही पुण्य प्राप्त होता है। स्नान के दौरान इस मंत्र का पाठ करें...
मंत्र : गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु।।

कब है वैशाख पूर्णिमा 2021? जानें, समय और महत्व...
ऐसे में इस साल यानि 2021 में वैशाख पूर्णिमा 26 मई 2021 (Vaishakh Purnima 2021 26 May 2021) बुधवार को मनाई जाएगी।

वैशाख पूर्णिमा 2021 व्रत मुहूर्त... Vaishakh Purnima shubh Muhurat
मई 25, 2021 को शाम 08:31:40 से पूर्णिमा शुरु
मई 26, 2021 को दोपहर 04:45:35 पर पूर्णिमा समाप्त

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इस दिन भगवान विष्णु के सत्य नारायण स्वरूप की पूजा की जाती है। इसके अलावा इस दिन धर्मराज की पूजा का भी विधान है, माना जाता है कि इस व्रत से धर्मराज प्रसन्न होते हैं और अकाल मृत्यु का भय भी जाता रहता है।

वैशाखी पूर्णिमा Happy Vaishakh Purnima को सत्य विनायक पूर्णिमा भी कहा जाता है। मान्यता है कि श्रीकृष्ण से उनके बचपन के सहपाठी-मित्र ब्राह्मण सुदामा जब द्वारिका मिलने पहुंचे तो Shri Krishna ने उनको सत्य विनायक व्रत Vaishakh Purnima vart का विधान बताया। इसी व्रत के प्रभाव से सुदामा की सारी दरिद्रता दूर हुई और वह सर्वसुख सम्पन्न और ऐश्वर्यशाली हो गए।


इस साल वैशाख पूर्णिमा के दिन बन रहे कई शुभ योग...
शास्त्रों में वैशाख शुक्ल की पूर्णिमा का विशेष महत्व माना गया है। इस साल जहां वैशाख पूर्णिमा के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण Lunar Eclipse भी लगेगा। वहीं इसके अलावा वैशाख पूर्णिमा के दिन इस बार कई शुभ योग भी बन रहे हैं।

जानकारों के अनुसार इस बार 25 मई को शिव योग जहां रात 10 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। वहीं इसके बाद 26 मई को सुबह 06 बजकर 01 मिनट से रात 01 बजकर 16 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग भी बनेंगे।

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जानिए पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त व पूजा विधि ...
पंडित एसके पांडे के अनुसार वैशाख पूर्णिमा 2021 में पूजा के लिए 26 मई को सुबह 06 बजकर 01 मिनट से दोपहर 04 बजकर 40 मिनट तक का समय पूजा के लिए श्रेष्ठ रहेगा।

मान्यता है कि वैशाख पूर्णिमा या बुद्ध पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और चंद्र देव की विधि-विधान से उपासना की जाती है। इस दिन लोग Purnima का व्रत रखते हैं और भगवान की पूजा करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान विष्णु और भगवान चंद्रदेव की कृपा से बहकर की सभी मनोकामना पूरी होती है।

: इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए, वहीं यदि किसी कारणवश नदी तक स्नान करने नहीं जा पा रहे हैं, तो घर पर ही गंगाजल में पानी मिलाकर स्नान कर सकते हैं। इसके बाद घर और मंदिर की साफ सफाई करें और गंगाजल छिड़कें।

: इसके पश्चात भगवान का स्मरण करते हुए उन्हें प्रणाम कर व्रत का संकल्प लें। साथ ही पूजा स्थान पर भगवान विष्णु के समक्ष दीप प्रज्वलित करें और उनका हल्दी से तिलक करें। जिसके बाद विष्णु जी और मां लक्ष्मी की फल, फूल और नैवेद्य से विधिवत पूजन करें।

ध्यान रहे तुलसी को भगवान विष्णु की पूजा में अवश्य शामिल करें। ऐसे में भोग या जल में तुलसी मिला लें। इसके अलावा Lord Vishnu के भोग के लिए तैयार किए गए कसार और पंचामृत में मेवा आदि के साथ तुलसी भी अवश्य डालें।

: इसके बाद पूजा पूरी होने के बाद आरती करें और फिर पूरे दिन व्रत करें। वहीं शाम को पुनः भगवान विष्णु का पूजन करें उन्हें कसार (आटे या सूजी को भूनकर बनाया गया सूखा प्रसाद) का भोग लगाएं और पंचामृत अर्पित करें।

: वहीं चंद्रयोदय होने पर चंद्रमा की पूजा कर अर्घ्य दें। इसके पश्चात ही व्रत का पारण करें।

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पूर्णिमा के दिन ऐसे करें माता लक्ष्मी को प्रसन्न...
वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि भगवान विष्णु के साथ ही Goddess laxmi को प्रसन्न करने के लिए भी विशेष मानी जाती है। ऐसे में आज हम आपको इस दिन माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के कुछ खास उपायों के बारे में बता रहे हैं, जिनके संबंध में मान्यता है कि वैशाख पूर्णिमा पर ये उपाय करने से Maa Lakshmi की कृपा सदैव बनी रहती है।

: वैशाख पूर्णिमा के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान व नित्यकर्म के पश्चात पीपल के पेड़ के नीचे चारों ओर साफ सफाई करने के बाद माता लक्ष्मी का पूजन करें और फिर माता लक्ष्मी को घर पर निवास करने के लिए आमंत्रित करें। इसके अलावा यहां पेड़ पर जल भी चढ़ाएं। माना जाता है कि ऐसा करने से माता लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है। यह उपाय हर पूर्णिमा पर किया जा सकता है।

: माना जाता है कि वैशाख पूर्णिमा के दिन सुबह के साथ ही शाम को भी स्नान कर माता लक्ष्मी की प्रतिमा की सामान्य पूजा कर मंत्र का जप आर्थिक परेशानियों को दूर कर देता है।
मंत्र: ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥

पूजा और मंत्र जप के बाद घी के दीप से माता लक्ष्मी की आरती करें। आरती के बाद धन प्राप्ति और सुखी जीवन की कामना करते हुए पूजा-आरती में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा प्रार्थना करें।
इस दिन माता लक्ष्मी को लाल चन्दन, लाल अक्षत, लाल वस्त्र, लाल फूल, मौसमी फल, मिठाई अर्पित करने के अलावा खीर का भोग भी अवश्य लगाएं।

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वैशाख पूर्णिमा 2021: कोरोना संक्रमण के चलते नहीं होगा भव्य आयोजन, घर-घर होगा गायत्री यज्ञ...
इस समय लगातार फैल रहे कोरोना संक्रमण के चलते जहां भक्तों का नदियों में स्नान करना मुश्किल ही दिख रहा है। वहीं इस बार Corona Pandemic के चलते भव्य आयोजन भी नहीं हों पाएंगे।

ऐसे में कोरोना संक्रमण के समूल नाश के लिए इस दिन यानि 26 मई 2021 को अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से घर-घर, गायत्री यज्ञ अभियान के तहत देश में कई जगहों पर घर-घर यज्ञ होंगे। बताया जाता है कि इस दिन होने वाले घर-घर में यज्ञ के लिए पांच हजार परिवारों को संकल्पित किया गया है। वहीं ये भी कहा गया है कि जो लोग किन्हीं कारणों से इस दिन यज्ञ अनुष्ठान नहीं कर पाएं वे पांच दीप जलाकर गायत्री मंत्र का जप कर कोरोना महामारी के समूल नाश की प्रार्थना अवश्य करें।

वैशाख पूर्णिमा का राशियों पर असर...
1. मेष राशि : मानसिक तनाव के बीच धन लाभ के योग हैं। कार्यों में सफलता के साथ ही स्वास्थ्य का भी खास ध्यान रखना होगा। सड़क पर जाते समय सावधानी रखें।

2. वृषभ राशि : दांपत्य जीवन में तनाव के बीच पैसे में वृद्धि के योग, लेकिन खर्च पर खास ध्यान भी रखना होगा। क्रोध पर नियंत्रण भी जरूरी।

3. मिथुन राशि : गुस्से पर नियंत्रण रखें। मेहनत का शुभ फल मिलेगा। खुद को शांत रखते हुए टकराव की स्थिति से दूर रहें।

4. कर्क राशि : कार्यों में सफलता के साथ ही धन वृद्धि के भी योग बन रहे हैं। हर किसी पर भरोसा करने से बचते हुए सेहत का विशेष ध्यान रखें। सतर्क रहें।

5. सिंह राशि : कार्यों में सफलता के योग के बीच धन हानि की संभावना बन रही है। मन को शांत रखते हुए फालतु के खर्चों पर रोक लगाएं।

6. कन्या राशि : भाग्योदय की संभावना के बीच धन लाभ के अलावा नौकरी और व्यापार में फायदे के योग बन रहे हैं। लेकिन, इस समय आपको धैर्य से काम करते हुए अपने द्वारा किए जा रहे किसी भी तरह के समझौते या कार्य के संबंध में पहले से पूरी जानकारी रखनी होगी।

7. तुला राशि : आर्थिक दृष्टि से समय बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता। ऐसे में किसी से पैसों का लेन—देन न करें। खर्चों पर लगाम लगाते हुए पारिवारिक सदस्यों के स्वास्थ्य का खास ध्यान रखें। वहीं प्रेम के लिए ये समय बेहद खास हो सकता है।

8. वृश्चिक राशि : धन के अधिक खर्च से बचते हुए स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा। साथी के साथ समय व्यतीत करते हुए किसी भी प्रकार के विवाद से दूर रहकर मन को शांत रखें।

9. धनु राशि : धन- हानि की संभावना के बीच स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से परेशान रह सकते हैं। वाद विवाद से दूर रहने के लिए कुछ भी बोलने से पहले उस पर विचार कर लें।

10. मकर राशि : दांपत्य जीवन में सुख के बीच कार्यों में सफलता के चलते धन- लाभ का योग बन रहा है। खुशी का अनुभव होगा।

11. कुंभ राशि : अधिक मेहनत ही सफलता का कारण बन सकती है। लेकिन इस समय स्वास्थ्य का भी खास ख्याल रखना होगा। प्रेमी के साथ समय व्यतीत करने के अलावा इस समय वाहन को लेकर सतर्क रहें।

12. मीन राशि : कड़ी मेहनत के चलते आपको सफलता मिलेगी। घर में सभी लोगों के स्वास्थ्य का खास ध्यान रखें। वहीं वाद विवाद से दूर ही रहें। बिना मांगे अपनी राय किसी को न दें।

दीपेश तिवारी
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