50 फीसदी र्इपीएफआे सदस्यों के यूएएन से अटैच नहीं है केवार्इसी डीटेल

50 फीसदी र्इपीएफआे सदस्यों के यूएएन से अटैच नहीं है केवार्इसी डीटेल

Saurabh Sharma | Publish: Sep, 16 2018 01:10:50 PM (IST) फाइनेंस

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन सदस्यों के लिए बुरी खबर आर्इ है। उनके यूनिवर्सल अकाउंट नंबर से केवार्इसी डीटेल अटैच ही नहीं है। एेसे लोगों की संख्या 50 फीसदी है।

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन सदस्यों के लिए बुरी खबर आर्इ है। उनके यूनिवर्सल अकाउंट नंबर से केवार्इसी डीटेल अटैच ही नहीं है। एेसे लोगों की संख्या 50 फीसदी है। जिसकी वजह से उन्हें ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ताज्जुब की बात तो ये है कि ने र्इपीएफआे के तहत आने वाले सभी प्रतिष्ठानों को पीएफ सदस्यों के यूएएन का 100 फीसदी केवार्इसी सीडिंग का आदेश दिया था। एेसा ना करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवार्इ करने की भी बात कही गर्इ थी। आपको बता दें कि केवार्इसी को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर के साथ जोड़ना अनिवार्य है और ऐसा ना करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

यह भी पढ़ेंः- पेट्रोल पर 30 पैसे आैर डीजल पर 20 पैसे बढ़े दाम, नए स्तर पर पहुंची कीमतें

सभी प्रतिष्ठानों को भेजा जा रहा है मैसेज
दिल्ली के रीजनल ऑफिस ने एेसे संस्थानों को लेटर, ई-मेल और एसएमएस के जरिए सूचना भेजनी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार 9 हजार प्रतिष्ठानों को हर रोज मैसेज भेजा जा रहा है। इसके लिए सेल का भी गठन किया गया है। रीजनल पीएफ कमिश्नर निधि सिंह का कहना है कि यूनिवर्सल अकाउंट नंबर के साथ केवार्इसी लिंकिंग अनिवार्य है और इसे ना मानने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

यह भी पढ़ेंः- देश में हुर्इ 90 हजार करोड़ रुपए की लूट में इन 23 लोगों का नाम शामिलः कांग्रेस

इन डाॅक्युमेंट्स को कराना होता है अटैच
र्इपीएफआे ने 2014 में सभी सदस्यों को 12 अंकों वाले यूनिवर्सल अकाउंट नंबर देने की शुरुआत की थी। भविष्य निधि से जुड़ी सेवाओं के लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर बहुत महत्वपूर्ण है। इसका सही लाभ केवार्इसी डिटेल अटैच करने के बाद ही मिलता है। जब तक आपके यूएएन के साथ आधार, बैंक अकाउंट, पैन और मोबाइल नंबर यूनिवर्सल अकाउंट नंबर नहीं जुड़ें होंगे तब तक कोर्इ लाभ आपको नहीं मिलेगा। यदि केवार्इसी डीटेल्स यूनिवर्सल अकाउंट नंबर के साथ दर्ज हो तो सदस्य अपने मोबाइल के जरिए पीएफ खाते की तुंरत जानकारी ले सकते हैं।

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned