
दूसरे बैंकों को आरबीआई के PCA फ्रेमवर्क से बाहर आने को लेकर वित्त मंत्री ने जताई उम्मीद
नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक के प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन फ्रेमवर्क को लेकर संतुष्टि जाहिर की है। जेटली ने कहा कि वो उम्मीद करते हैं कि बहुत जल्द ही अन्य बैंक भी पीसीए फ्रेमवर्क से बाहर आएंगे। अरुण जेटली ने आगे कहा, "सरकार ने अपनी तरफ से पब्लिक सेक्टर बैंकों को कैपिटल इन्फ्युजन दिया है जिसके बाद कई बैंक पीसीए फ्रेमवर्क से बाहर होने में कामयाब भी हुए हैं। मुझे उम्मीद है कि बाकी जो भी बैंक हैं, वो भी बहुत जल्द ही इस फ्रेमवर्क से बाहर आएंगे। हम इन बैंकों के लिए प्रयासरत हैं।"
इन बैंकों को पहले ही पीसीए फ्रेमवर्क से बाहर निकाल चुका है आरबीआई
भारतीय रिजर्व बैंक को नोटिफाई किया है कि एक माह के अंदर 6 बैंकों को पीसीए फ्रेमवर्क से बाहर निकाल दिया जाएगा। गत 31 जनवरी को ही आरबीआई ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ कॉमर्स को पीसीए फ्रेमवर्क से बाहर कर दिया था। जबकि बीते 26 फरवरी को धनलक्ष्मी बैंक, इलाहाबाद बैंक, व कॉर्पोरेशन बैंक को भी पीसीए फ्रेमवर्क से बाहर किया है।
ये बैंक अभी भी पीसीए फ्रेमवर्क के अंतर्गत
गौरतलब है कि फंसे कर्ज व कमजोर वित्तीय हालत की वजह से आरबीआई ने कुल 21 पब्लिक सेक्टर बैंक में 11 बैंकों को पीसीए फ्रेमवर्क के अंतर्गत डाला था। फिलहाल जो बैंक इस फ्रेमवर्क के अंतर्गत है उनमें यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया व इंडियन ओवरसीज बैंक शामिल हैं। भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा अधिग्रहण के बाद आइडीबीआइ बैंक व देना बैंक को इस फ्रेमवर्क से निकाल दिया गया था। बाद में सरकार ने देना बैंक, विजया बैंक व बैंक ऑफ बड़ौदा के विलय का ऐलान किया था।
सरकार ने 12 बैंकों को 48 हजार करोड़ रुपए देने का किया था ऐलान
आरबीआई बोर्ड ने इन बैंकों को हालात में सुधार को देखते हुए व किसी भी नुकसान को सहने की क्षमता को देखते हुए पीसीए फ्रेमवर्क से बाहर निकालने का फैसला लिया। बता दें कि गत 12 फरवरी को सरकार ने ऐलान किया था कि वो 12 बैंकों को करीब 48 हजार करोड़़ रुपए की राशि कैपिटल इन्फ्युजन के तौर पर देने का ऐलान किया था। सरकार ने यह कदम बैंकों की वित्तीय सेहत को सुधारने के लिए उठाया था।
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Published on:
28 Feb 2019 05:39 pm
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