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देेश के एक तिहार्इ सरकारी बैंक हो गए हैं यतीम, नहीं है उनका कोर्इ मार्इ बाप

पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले पैनल ने देश के एक तिहाही सरकारी बैंकों में सीईओ या एमडी नियुक्त नहीं किया है। ताज्जुब की बात तो ये है कि देश के ती मुख्य सरकारी बैंकों में सीर्इआे का पद 7 महीने से अधिक समय से रिक्त पड़े हुए हैं।
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Saurabh Sharma

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Updated: 7 Aug 2018, 2:37 PM IST

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देेश के एक तिहार्इ सरकारी बैंक हो गए हैं यतीम, नहीं है उनका कोर्इ मार्इ बाप

नर्इ दिल्ली। देश में जब से सरकारी बैंकों में घोटाले निकलकर सामने अाए हैं तब से वो यतीम हो गए हैं। उनका कोर्इ मार्इ बाप नहीं है। ना ही सरकार ही इन बैंकों पर ध्यान दे रही है। खास बात ये है कि कुछ दिनों पहले पीयूष गोयल की आेर से इनके संरक्षक तय करने की बात की थी लेकिन अभी इस कोर्इ काम नहीं हो सका है। आइए आपको आपको भी बताते हैं कि हम इन बैंको को यतीम की संज्ञा क्यों दे रहे हैं।

एक तिहार्इ बैंकों के मार्इ बाप गायब
पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले पैनल ने देश के एक तिहाही सरकारी बैंकों में सीईओ या एमडी नियुक्त नहीं किया है। ताज्जुब की बात तो ये है कि देश के ती मुख्य सरकारी बैंकों में सीर्इआे का पद 7 महीने से अधिक समय से रिक्त पड़े हुए हैं। 31 जुलाई को केनरा बैंक के राकेश शर्मा और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के राजीव ऋषि भी अपने पदों से रियाटर हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस तरह की रिक्तियों की कुल संख्या अब सात हो गई है। देश में 21 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक उधारदाता हैं। इस साल जनवरी से देना बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और आंध्र बैंक के सीईओ नहीं हैं।

घोटाले के बाद हटाए गए ये एमडी आैर सीर्इआे
मई में इलाहाबाद बैंक के एमडी और सीईओ उषा अनंत सुब्रमण्यम को सीबीआई ने नीरव मोदी घोटाले में चार्ज कर जिम्मेदारियों से हटा दिया था। जून में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एमडी और सीईओ आर मराठे को भी रियल एस्टेट डेवलपर को ऋण देने के दौरान मानदंडों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया। बैंक ऑफ बड़ौदा के एमडी और सीईओ पीएस जयकुमार अगस्त में अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा करने वाले हैं। सुनने में आ रहा है कि उन्हें विस्तार मिलेगा।

पीयूष गोयल ने दिया था आश्वासन
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 8 जून को कहा था पीएसयू बैंकों में कई एमडी आैर सीर्इआे के पदों को एक महीने में भर दिया जाएगा। बैंकों बोर्ड ब्यूरो (बीबीबी) ने भी जून के अंत तक केंद्र सरकार को 14 उम्मीदवारों के नामों की सिफारिश कर दी थी। लेकिन अभी तक कोर्इ नियुक्ति नहीं हो सकी है। ताज्जुब की बात तो ये है कि देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई के एमडी के रूप में अंशुला कांत को अभी तक नियुक्त नहीं किया है।