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आज से वाहनों के इंश्योरेंस में हुआ बड़ा बदलाव, गाड़ियों के बढ़े दाम

आज से सरकार ने नर्इ कार आैर दोपहिया वाहनों के इंश्याेरेंस में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब नर्इ कार आैर टू व्हीलर खरीदने वालों को 3 आैर 5 साल का अपफ्रंड कवर लेना जरूरी होगा।
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Saurabh Sharma

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Sep 01, 2018

Car insurance

आज से वाहनों के इंश्योरेंस में हुआ बड़ा बदलाव, गाड़ियों के बढ़े दाम

नर्इ दिल्ली। आज अगर आप कोर्इ गाड़ी खरीदने जा रहे है तो आपको ज्यादा रुपए देने पड़ेंगे। आज से सरकार ने नर्इ कार आैर दोपहिया वाहनों के इंश्याेरेंस में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब नर्इ कार आैर टू व्हीलर खरीदने वालों को 3 आैर 5 साल का अपफ्रंड कवर लेना जरूरी होगा। जिसकी वजह से नर्इ गाड़ की शुरूआती कीमत बढ़ गर्इ है। कस्टमर के लिए राहत की बात यह होगी कि उन्हें हर साल अपनी गाड़ी के इंश्योरेंस कराने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। आपको बता सरकार ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उठाया है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश
वास्तव में 20 जुलार्इ को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि नर्इ कार आैर टू व्हीलर के लिए 3 अौर 5 साल का इंश्योरेंस कवर लेना ही होगा। 1 सितंबर से सभी पॉलिसीज पर यह नियम लागू हो जाएगा। वहीं दूसरी आेर कोर्ट ने सभी इंश्योरेंस कंपनियों को लांग टर्म इंश्योरेंस कवर देने का भी आदेश दिया था। कोर्ट यह आदेश इसलिए करना पड़ा क्योंकि इंश्योरेंस अनिवार्य होने के बाद भी लोग अपनी गाड़ियों के इंश्योरेंस को हर साल रीन्यू नहीं करा रहे थे।

अब लोगों को देने होंगे इतने रुपए
- 1500 सीसी से ज्यादा क्षमता वाली नई प्राइवेट कार के लिए शुरुआती इंश्योरेंस कवर कम-से-कम 24,305 रुपए का होगा।
इससे पहले यह इंश्योरेंस 7,890 रुपए का था।
- 350 सीसी से ज्यादा क्षमता की बाइक्स के लिए बायर्स को 13,024 रुपए का पेमेंट करना होगा।
मौजूदा समय में यह इंश्योरेंस 2,323 रुपए का है।
- इंश्योरेंस प्रीमियम हर मॉडल्स के अनुसार अलग हो सकता है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
जानकारों की मानें तो कोर्ट के इस आदेश के बाद मोटर इंश्योरेंस फैलाव होगा। साथ ही पहले ज्यादा गाड़ियां इंश्योर्ड होंगी। थर्ड-पार्टी वीइकल्स पर इंश्योरेंस कवर की मात्रा अब पहले से ज्यादा बड़ी और बेहतर होगी। आपको बता दें कि भारत सरकार ने 'रोड ऐक्सिडेंट्स इन इंडिया 2015' नाम से रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें बताया गया था कि रोजाना 1,374 ऐक्सिडेंट्स होते हैं, जिनमें 400 लोगों की जान चली जाती है।