
gurudwara
फिरोजाबाद। सिखों के छठवें गुरू हरगोविंद सिंह का प्रकाशोत्सव टूंडला नगर के गुरूद्वारे में बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान शबद कीर्तन और अटूट लंगर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सिख समाज के लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। साथ ही उनके साहस और पराक्रम का गुणगान किया गया।
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अमृतसर में हुआ था जन्म
गुरूद्वारा कमेटी प्रधान मनप्रीत सिंह कीर ने बताया कि गुरू हरगोविंद का जन्म 19 जून 1595 में गुरू की बादली अमृतसर पंजाब में हुआ था। इनकी माता का नाम गंगा कौर और पिता का नाम अर्जुन साहब था। इन्होंने मुगलों से कई जंग लड़ीं। मुगल शासक जहांगीर ने हुकम जारी किया था कि गुरू अर्जुन देव को शहीद किया जाए। इन्हें हिरासत में लिया जाए। उन्होंने मुगलों से जमकर लोहा लिया और एक बार नहीं बल्कि चार बार मुगल शासकों को हराकर अपने साहस और पराक्रम का परिचय दिया। मुगल शासक उनके साहस के आगे कहीं नहीं टिक सके। युद्ध में मुगल हुकूमत को हार मिली जबकि उन्हें जीत।
शबद कीर्तन का हुआ आयोजन
कार्यक्रम को लेकर गुरूद्वारे में शबद कीर्तन और अटूट लंगर का आयोजन किया गया। समाज के लोगों के साथ ही अन्य समाज के लोगों ने भी कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर भाग लिया। इस दौरान गुरूद्वारे को विद्युत झालरों और फूलों से सजाया गया था। कार्यक्रम में मनमोहन सिंह काके समेत अन्य समाज के लोग मौजूद रहे।
Published on:
22 Jun 2019 12:59 pm
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