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मुलायम सिंह यादव के रिश्तेदार विधायक के विरोध में एकजुट हुई सपा, जानिए क्या है मामला

सिरसागंज विधायक हरीओम यादव को पार्टी से निष्कासित किए जाने को सपाइयों ने की मांग।
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फिरोजाबाद

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Dhirendra yadav

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Updated: 31 May 2018, 7:09 PM IST

Samajwadi party

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फिरोजाबाद। किसी समय समाजवादी पार्टी का झंडा बुलंद करने वाले मुलायम सिंह यादव के रिश्तेदार सिरसागंज विधायक हरीओम यादव के विरोध में आज जिले की पूरी समाजवादी पार्टी एकजुट हो गई है। जिले के सपा नेताओं ने विधायक को पार्टी से निष्कासित किए जाने की मांग हाईकमान से की है। सपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा सिरसागंज विधायक के पुत्र विजय प्रताप को पार्टी से बाहर किया जा चुका है।

इसलिए शुरू हुई लड़ाई
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान सिरसागंज विधायक हरीओम यादव और उनके पुत्र के विरूद्ध जान से मारने के प्रयास के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष बने विधायक के पुत्र विजय प्रताप के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव आ गया, जिसमें जिला पंचायत सदस्यों ने अध्यक्ष के विरोध में डीएम को पत्र सौंपा था। उसी दौरान पिता-पुत्र को जेल जाना पड़ा था। जेल जाने के बाद प्रो. रामगोपाल यादव ने सिरसागंज विधायक पर जिला पंचायत सदस्यों को बेचे जाने का आरोप लगाते हुए उनसे किनारा कर लिया था।

जेल से छूटने के बाद दोबारा भेजे गए जेल
जान से मारने के प्रयास के मामले में जेल जाने के बाद वापस बाहर आ गए थे। कुछ समय बाद सिरसागंज क्षेत्र के गांव पैंगू में एक यादव समाज के युवक की पीट पीटकर हत्या कर दी थी। जिसमें पिता-पुत्र धरने पर बैठ गए थे। लोगों को भडकाने के मामले में पुलिस ने दोबारा दोनों को जेल भेज दिया। जेल से बाहर आने के कुछ दिनों बाद ही समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने विधायक पुत्र विजय प्रताप को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने का आरोप लगाते हुए पार्टी से बाहर कर दिया था। उसके बाद विजय प्रताप ने प्रो. रामगोपाल पर भाजपा से मिले हुए होने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी।

पिता-पुत्र ने खुलकर किया विरोध
प्रो. रामगोपाल का पिता-पुत्र ने खुलकर विरोध करना शुरू कर दिया था। उसके बाद सपा नेताओं ने एक स्वर में दोनों पिता पुत्र के विरोध में आवाज बुलंद की और विधायक को पार्टी से निष्कसित कराए जाने के लिए पार्टी हाईकमान से मांग भी कर दी। जिले की राजनीति अब गर्माने लगी है। इस आपसी फूट का असर लोकसभा चुनाव में देखने को मिलेगा। हालांकि एक बार पहले भी विधायक को पार्टी से बाहर किया गया था। उसके बाद मुलायम सिंह यादव के कहने पर उन्हें पार्टी में वापस शामिल किया गया था।

जनता का है जन समर्थन
सिरसागंज विधायक हरीओम यादव के पास भरपूर मात्रा में जनसर्मान मिला हुआ है। पार्टी से बगावत करने के बाद उन्होंने अपना जनसमूह एकजुट करना शुरू कर दिया है। एक समय था जब विधायक के कहने पर जिले भर में टिकट का बंटवारा किया जाता था। मुलायम सिंह यादव से लेकर सैफई परिवार का कोई भी सदस्य उनकी बात को नहीं टालता था। आज वही विधायक अपनों के बीच आकर ही बेगाने हो गए।