
एआईएफएफ को भारतीय टीम के एशियाई खेलों में भाग लेने की उम्मीद,हो सकता है फैसले पर पुनर्विचार
नई दिल्ली । अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) को उम्मीद है कि नरिंदर बत्रा के नेतृत्व वाली भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) इंडोनेशिया में होने वाले एशियाई खेलों में भारतीय फुटबाल टीम को भाग लेने की अनुमति देगा। आईओए के नियम के अनुसार, महाद्वीपीय स्तर पर एक से आठ तक की रैंकिंग वाली राष्ट्रीय टीम ही एशियाई खेलों में भाग ले सकती है।
शानदार प्रदर्शन के बावजूद क्यों नहीं मिली अनुमति
भारतीय फुटबाल टीम एशिया में 14वें पायदान पर मौजूद है और हाल में टीम के शानदार प्रदर्शन के बावजूद उसे एशियाई खेलों में भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई। भारत टीम आठ साल बाद एएफसी एशियन कप के लिए भी क्वालीफाई करने में कामयाब रही। एआईएफएफ के महासचिव कुशल दास ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हमें अभी भी उम्मीद है कि टीम को एशियाई खेलों में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। हम स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं और शायद आईओए अपने रुख पर पुनर्विचार करेगा।"कुशल दास ने कहा, "हम एशिया में अभी 13वें पायदान पर मौजूद है (आस्ट्रेलिया को हटाकर) और अगर आईओए का मानदंड शीर्ष 8 टीम है तो हम ज्यादा पीछे नहीं हैं।
आईओए कर सकती है फैसले पर पुनर्विचार
हालांकि, आईओए निर्णय के बावजूद, विकास प्रक्रिया जारी रहेगी।"जापान के हिरोशिमा में 1994 में हुए एशियाई खेलों के बाद यह पहला मौका होगा जब भारतीय फुटबाल टीम इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भाग नहीं लेगी। दास ने कहा, "आईओए ने 4 जून को स्पष्टीकरण की मांग की थी जिसके बाद हमारे बीच किसी प्रकार का संवाद नहीं हुआ। यहां तक कि एआईएफएफ अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा से बात की और उन्हें भी पुनर्विचार करने के उद्देश्य से एक स्पष्टीकरण तैयार करने के लिए कहा गया।"
अभी कुछ भी आधिकारिक घोषणा हुई ही नहीं
आईओए पर आधिकारिक रूप से बातचीत न करने का आरोप लगाते हुए दास ने कहा, "इस बारे में आईओए द्वारा कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई और हमें सिर्फ मौखिक रूप से जानकारी दी गई। आईओए ने कभी भी सही तरीके से संवाद नहीं किया और हमें यह भी नहीं बताया कि क्यों फुटबाल टीमों को एशियाई खेलों में भाग लेने से रोका गया।"दास ने कहा कि एआईएफएफ पुरुष और महिला टीमों का खर्च वहन करने के लिए भी तैयार है। "हमने आईओए से अधिकारिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि हम पुरुष और महिला टीमों के खर्चो का वहन करने के लिए भी तैयार है।"
Published on:
2 Jul 2018, 7:38 PM IST
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