5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

catch_icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गाजियाबाद नगर निगम में फिर करोड़ों का घोटाला! जांच के लिए गठित की गई टीम

Highlights - विजयनगर इलाके के डूंडाहेड़ा में बना सीवरेज प्लांट सवालों के घेरे में - मरम्मत में 6 करोड़ 39 लाख रुपए लगने के बाद भी प्लांट की हालत खस्ता - नगर आयुक्त ने दिए प्रकरण में जांच के आदेश

2 min read
Google source verification
ghaziabad.jpg

गाजियाबाद. वैसे तो गाजियाबाद नगर निगम कार्यालय घोटालों के लिए मशहूर है। नगर निगम में पहले भी कई घोटालों की जांच चल रही है। वहीं, अब विजयनगर इलाके के डूंडाहेड़ा में बना सीवरेज प्लांट सवालों के घेरे में है। सीवरेज प्लांट कि मरम्मत के लिए 6 करोड़ 39 लाख रुपए पास हुए थे, लेकिन उसके बाद भी प्लांट की हालत खस्ता है। अब इस प्रकरण में टीम घटित करके जांच शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

यह भी पढ़ें- कोरोना टेस्ट के दौरान हथकड़ी खोलकर फरार हुआ बंदी कुछ ही घंटों में गिरफ्तार

गाजियाबाद के वार्ड-27 के पार्षद ललित कश्यप ने बताया कि इस पूरे मामले में न तो जल निगम के द्वारा बताया गया और न ही फाइल के बारे में बताया गया। उन्होंने बताया कि पिछले कई सालों से इस मुद्दे को उठाते आ रहे हैं। पार्षद का आरोप है कि जितना भी पैसा इस योजना के लिए आया है। वह पूरा नहीं लगा है। उन्होंने बताया कि यहां पर जो पानी एकत्र होता है। वह ओवरफ्लो हो जाता है और उस इलाके में फैल जाता है। इसकी शिकायत भी कई बार जल निगम से की जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस ठेकेदार ने यहां काम किया है। उसकी पूरी फाइल तलब करते हुए इसकी गंभीरता से जांच की जाए।

ललित कश्यप ने बताया कि प्लांट की हालत इतनी खराब है कि दीवारों खराब हो चुकी हैं। लैंटर पर खंभे लगाकर काम चलाया जा रहा है। देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि अंदर रह रहे लोग भी प्लांट नहीं चलाते हैं। बारिश के दौरान पानी भरने पर भी मोटर भी नहीं चलाते हैं। जल निगम को शिकायत के बाद ही मोटर चलती है। सरकार ने मरम्मत के लिए करोड़ों खर्च किए हैं, लेकिन ठेकेदारों ने कुछ नहीं किया। उन्होंने पूरी राशि कागजों में गिनवा दी है। प्लांट की हालत देख सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। पार्षद कश्यप ने नगर आयुक्त को सख्त कार्रवाई करने और सीवरेट प्लांट की जल्द मरम्मत कराने को लेकर आवेदन किया है।

पार्षद का आरोप है कि योजना के तहत यहां काम नहीं किया गया है। उनका कहना है कि 6 करोड़ 39 लाख रुपए की इस योजना के तहत बड़ा घोटाला हुआ है। उधर, इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि इस तरह का मामला सामने आ रहा है। फिलहाल इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसके आधार पर दोबारा से जांच की जाएगी और यदि ऐसा मामला पाया गया तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें- Noida: कोरोना संक्रमित की संख्या दस हज़ार के पार, 24 घंटे में मिले 198 पॉजिटिव


बड़ी खबरें

View All

गाज़ियाबाद

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग