
शाहबेरी की तरह यहां भी ताश के पत्ते की तरह भरभरा कर गिरी इमारत, मौके पर NDRF की टीम राहत बचाव कार्य में जुटी
गाजियाबाद। तेज बारिश के बीच दिल्ली-एनसीआर में एक के बाद एक इमारतों के गिरने का सिलसिला लगातार जारी है। जहां नोएडा गढ़ी चौखंडी में इमारत गिरी थी वहीं रात होते-होते खोड़ा में एक पांच मंजिला इमारत देखते ही देखते ताश के पत्तो की तरह ढेर होकर मलबे में तब्दील हो गई। घटना रात 8 बजे के आस पास की है हालांकि इस हादसे में जनहानी के विषय मे कुछ भी कहना अभी मुश्किल है। वहीं इससे पहले नोएडा के शाहबेरी और गाजियाबाद के डासना में इमारत गिरने के बाद गनीमत रही की इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। मौके पर राहत बचाव कार्य जारी है। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग की स्थिती सही नहीं थी जिसके मद्देनजर पहले से ही खाली करा लिया गया था। वहीं मौके पहुंचे सांसद वीके सिंह और विधायक सुनील शर्मा भी मौके पर मौजूद रहे और मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
(आगे देखें इमारत गिरने का नजारा)
इमारत गिरने से मचा हड़कंप-
एक ओर बारिश के मौसम में इंसान से लेकर जानवर तक सभी सिर छुपाने की जगह ढूढ रहे हैं ऐसे में गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी में जैसे ही 5 मंजिला इमारत अचानक भरभराकर सड़क पर गिरनी शुरू हुई,इलाके में भगदड़ मच गई। आसपास के लोग आनन-फानन में वहां से इधर-उधर भागने लगे और स्थानीय पुलिस को सूचित किया। बिल्डिंग गिरने की सूचना मिलते ही तत्काल प्रभाव से उस सड़क को रोक दिया वरना बड़ा हादसा हो सकता था। प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची गई और मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि लोगों को यहां से पहले ही हटा दिया गया था। लेकिन बचाब टीम फिर भी तलाश में जुटी रही कोई शख्स इसमें दबा हुआ ना हो।
देखें वीडियो: गाजियाबाद के खोड़ा में गिरी इमारत देखें वीडियो
पहले से खस्ता हाल में थी बिल्डिंग-
जानकारी के मुताबिक इस बिल्डिंग पर पहले से ही खतरा मंडरा रहा था। बताया जा रहा है कि 18 तारीख को बड़ी हाइड्रोलिक क्रेन इस बिल्डिंग में घुस गयी थी। जिसकी वजह से इसके पिलर में क्रेक आ चुके थे और इसे रिपेयर कराया जा रहा था। लेकिन इसमें क्रेक के बढ़ने की सूचना के बाद पुलिस अधिकारियों के अनुसार इसे खाली कराया जा चुका था। बिल्डिंग गिरते समय इसमें कोई मौजूद नहीं था। लेकिन बिल्डिंग सर्विस रोड पर आ गिरी जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कुछ लोग इसमें दबे हो सकते है।
मौके पर राहत बचाव कार्य जारी-
एसपी सिटी आकाश तोमर का कहना है कि यदि वहां मौजूद पुलिसकर्मी उस सड़क को तत्काल प्रभाव से नहीं रोकते तो निश्चित तौर पर एक बड़ा हादसा हो सकता था क्योंकि जहां बिल्डिंग गिरी है उस सड़क पर शाम के वक्त काफी संख्या में लोग निकलते हैं लेकिन जैसे ही बिल्डिंग के ऊपर से गिरने की आवाज सुनी तो उसे तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया और वहां मौजूद लोगों को भी इतना अवसर मिल गया कि वहां से भाग गए थे। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस मलबे के नीचे किसी के दबे होने की सूचना नहीं है। लेकिन राहत और बचाव कार्य जारी है मलबे को हटाने के लिए तमाम इलाके के जिम्मेदार लोगों के अलावा एनडीआरएफ की टीम के जवान और तमाम पुलिसकर्मियों के साथ-साथ कई एनजीओ के लोग भी जुड़े हुए हैं।
Updated on:
28 Jul 2018, 10:39 AM IST
Published on:
28 Jul 2018, 10:36 AM IST
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