
यूपी पुलिस पर अक्सर कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े होते रहते हैं। इसी बीच गाजियाबाद में खाकी ने एक ऐसी सराहनीय पहल की है। जिसे लेकर खूब वाहवाही हो रही है। मामला थाना विजयनगर इलाके की बाईपास चौकी क्षेत्र का है। जहां एक महिला अपने पति के उत्पीड़न से परेशान होकर पुलिस चौकी पहुंची और चौकी इंचार्ज को अपनी समस्याओं के बारे में बताया। महिला के साथ तीन बच्चे भी मौजूद थे। महिला ने चौकी इंचार्ज को बताया कि उसका पति नशे का आदी है। अक्सर वह मारपीट करता है और घर की माली हालत बेहद खराब है। तीनों बच्चे पढ़ाई में होशियार होने के बावजूद भी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। चौकी इंचार्ज ने जैसे ही बच्चों के बारे में यह सुना तो वह भावुक हो गए और उन्होंने तीनों बच्चों का स्कूल में दाखिला कराए जाने के साथ-साथ उनकी किताब कॉपी का खर्चा भी खुद देने की बात कही। साथ ही महिला के पति की काउंसलिंग के लिए भी प्रयास शुरू कर दिया है।
दरअसल, थाना विजयनगर क्षेत्र की बाईपास चौकी क्षेत्र में प्रमोद नामक एक शख्स अपनी पत्नी लक्ष्मी, 11 वर्षीय पुत्री छवि, 7 वर्षीय नंदिनी और 6 वर्षीय पुत्र वरुण के साथ रहता है। प्रमोद नशे का आदी है, जो नशे की हालत में अक्सर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करता है। ऐसा ही कुछ मंगलवार को भी हुआ तो प्रमोद की पत्नी अपने तीनों बच्चों को लेकर बाईपास चौकी जा पहुंची। जहां चौकी इंचार्ज अंकित चौहान मौजूद थे। महिला ने चौकी इंचार्ज को बताया कि उसका पति नशे की हालत में मारपीट करता है और उसका कोई काम धंधा भी नहीं है। उसके तीनों बच्चे पढ़ाई में बेहद होशियार हैं, लेकिन माली हालत खराब होने के कारण वह अपने बच्चों का दाखिला भी नहीं करा पाई है। महिला ने न्याय की गुहार लगाते हुए चौकी इंचार्ज को एक तहरीर दी। चौकी इंचार्ज अंकित चौहान ने जैसे ही बच्चों की पढ़ाई के बारे में सुना तो वह खुद भावुक हो गए और उन्होंने तत्काल प्रभाव से निजी स्कूल में तीनों बच्चों का दाखिला कराया और उन्हें किताब कॉपी भी उपलब्ध कराई।
जरूरतमंदों की मदद के लिए जाने जाते हैं अंकित चौहान
चौकी इंचार्ज ने कहा कि हर हाल में इन बच्चों की पढ़ाई पूरी कराई जाएगी। भले ही उनकी पढ़ाई का खर्चा खुद उन्हें ही क्यों न उठाना पड़े। साथ ही उन्होंने लक्ष्मी के पति प्रमोद को काउंसलिंग के लिए बुलाया, ताकि वह नशा छोड़ कर अपने परिवार को ठीक से चला सके। चौकी इंचार्ज अंकित चौहान पुलिस की नौकरी करने के साथ जरूरतमंद लोगों की अक्सर मदद करते रहते हैं। हाल में ही उन्होंने एक गरीब लड़की की शादी में खुद कन्यादान किया था। इसके अलावा तमाम बिछड़े बच्चों को भी उनके मां-बाप से मिलवाया है। अंकित चौहान ने इस बार फिर इस तरह का बेहद सराहनीय कार्य किया है, जिसके बाद गाजियाबाद में उनकी एक अलग पुलिसकर्मी के रूप में छवि उभर रही है।
अब बेहद खुश नजर आ रही है लक्ष्मी
अपने तीनों बच्चों का दाखिला होने और पति की काउंसलिंग की बात सुनकर लक्ष्मी बेहद खुश है। लक्ष्मी चौकी प्रभारी अंकित चौहान की तारीफ करते नहीं थक रही है। लक्ष्मी का कहना है कि यदि अन्य पुलिसकर्मियों की इस तरह की सोच बन जाए तो निश्चित तौर पर तमाम बिखरते हुए घरों को बचाया जा सकता है और पढ़ाई करने के इच्छुक बच्चों का भविष्य भी उज्जवल हो सकता है।
Published on:
30 Mar 2022 11:55 am
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