
गाजियाबाद. मामला गाजियाबाद से लेकर दिल्ली तक जुड़ा हुआ है। गाजियाबाद निवासी एक व्यक्ति ने अपनी बेटी की शादी दिल्ली निवासी एक असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ तय की। शादी में दान-दहेज की भी बात हुई। जिसमें व्यक्ति से बेटी की शादी में अपनी क्षमता से अधिक दहेज दिया। दहेज में दिया गया चेक किन्हीं कारणों के चलते बाउंस हो गया तो असिस्टेंट प्रोफेसर दामाद आग-बबुला हो गया। उसने अपने परिजनों के साथ मिलकर दिल्ली के बुराड़ी इलाके में नई-नवेली पत्नी की हत्या कर दी।
पुलिस ने हत्या में शामिल असिस्टेंट प्रोफेसर को भतीजे समेत गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का भी मानना है कि असिस्टेंट प्रोफेसर ने दहेज में मिला चेक बाउंस होने की वजह से हत्या की साजिश रची थी। अब तक पुलिस इस मामले में कुल तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस के अनुसार संत नगर में वीरेंद्र अपनी पत्नी पिंकी और बुजुर्ग माता-पिता के साथ रहते थे। रामजस कॉलेज में संस्कृत के असिस्टेंट प्रोफेसर वीरेंद्र की इसी साल फरवरी में गाजियाबाद निवासी पिंकी से शादी हुई थी। वीरेंद्र और उसके भाई राकेश ने देर शाम को पिंकी की संत नगर स्थित घर में हत्या कर दी और खुद ही पुलिस के पास जाकर जुर्म स्वीकर कर लिया था।
ऐसे हुआ खुलासा
जांच में शामिल पुलिस अधिकारी ने बताया कि राकेश के आत्मसमर्पण करने पर वीरेंद्र को अस्पताल बुलाया गया। पुलिस ने घटना की जानकारी नहीं दी थी और वो भी इस तरह व्यवहार कर रहा था कि उसे कुछ मालूम नहीं है। पुलिस ने वीरेंद्र और राकेश के कॉल डिटेल्स और मोबाइल की लोकेशन की जांच की तो पूरी मामले का खुलासा हुआ। घटना से पहले और बाद में दोनों की बात हुई थी।
पुलिस ने खंगाले 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे
करीब 300 सीसीटीवी कैमरों का फुटेज खंगाली गई तो पता कि वीरेंद्र भी हत्या में संलिप्तत था। जब पुलिस ने सबूतों को सामने रखकर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और अपने भतीजे गोविंद को भी इसमें शामिल बताया।
Published on:
11 Nov 2021, 5:18 PM IST
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