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सीएम योगी की परीक्षा में भी पिछड़ गया एनसीआर का ये Hi-tech शहर

एनसीआर का शहर गाजियाबाद स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर होने के बाद मुख्यमंत्री की परीक्षा में भी पिछ़ड़ गया है।
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गाज़ियाबाद

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Rahul Chauhan

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Updated: 16 Feb 2018, 2:40 PM IST

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गाजियाबाद। राजधानी दिल्ली से सटा एनसीआर का शहर गाजियाबाद स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर होने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री की परीक्षा में भी पिछ़ड़ गया है। उत्तर प्रदेश में जनसुनवाई के लिए बनाए गए आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के निपटारे के मामले में गाजियाबाद दूसरे पायदान से लुढ़कर 21वें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र इस मामले में पहले स्थान पर आया है। जानकारों का दावा है कि इसके पिछे की बड़ी वजह है यह है कि यहां जो भी शिकायत आती हैं उन्हें हवा में ही हल कर दिया जाता है।

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क्या है आईजीआरएस पोर्टल

लोगों की शिकायतों को वक्त के रहते निवारण कराए जाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) बनाया हुआ है। इसपर कोई शख्स प्रदेश के हर महकमें से जुडी हुई शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायकर्ता ऑनलाइन ही अपनी समस्या के निपटारे को भी जान सकता है। सीए ऑफिस से इस पर निगरानी की जाती है।

अमेठी को मिले 10 में से 10, देवरिया दूसरे स्थान पर

जनवरी माह में संदर्भों के अग्रसारण में लगे औसत दिवस में अमेठी जिले के डीएम ने दस में दस नंबर हासिल किए हैं। वही श्रेणाकर्ता उच्च अधिकारी के रूप में हुई कार्रवाई के मामले में भी उन्हें दस में दस अंक प्राप्त हुए हैं। डीएम, एसएसपी कार्यालय में संदर्भ फीडिंग के मामले में भी यहां दस में से दस अंक मिले हैं। इस मामले में देवरिया जनपद दूसरे स्थान पर रहा है।

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जनवरी माह में रही 21वीं रैंकिंग

बता दें कि गाजियाबाद पहले इस मामले में दूसरे नंबर पर था, वहीं अब वह खिसक कर 21वें नंबर पर आ गया है। जनवरी माह में गाजियाबाद की रैंक 21वीं रही है। अधिकतम अंक दस हैं और इस सत्र में अवधि की गणना में संदर्भ प्राप्ति का दिवस भी सम्मिलित रहता है। लेकिन यदि एक भी संदर्भ के 15 दिवस से अधिक समय तक अनमार्क रहने पर कोई भी अंक प्राप्त नहीं होता है। इस माह में मार्किंग में लगे औसत दिवस का प्रतिशत 1.9 ही रहा है।

आईजीआरएस पर ऐसे तय होती है रैकिंग

मुख्यमंत्री संदर्भ के मामले में एक माह में औसत संदर्भ 252, ऑनलाइन संदर्भ 527 रहे हैं। डीएम- एसएसपी संदर्भ 258 रहे हैं। जनसेवा केंद्र, लोकवाणी पीजी पोर्टल 145 रहे हैं। संपूर्ण समाधान दिवस में एक माह में औसत संदर्भ 188 रहे हैं। जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त संबंधों के त्वरित एवं गुणवत्ता परक निस्तारण किए जाने के लिए मासिक मूल्यांकन सूत्र होता है। अंक दिए जाने का सूत्र होता है और इसे एक तरह की परीक्षा माना जाता है। इसी के आधार पर रैंकिंग तय होती है।