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अमेठी यूनिवर्सिटी कैंपस के स्वीमिंग पूल में छात्र की मौत के मामले में सीबीआई कोर्ट ने लिया संज्ञान

केरल हाईकोर्ट के आदेश के बाद में शुरू हुई थी सीबीआई जांच
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गाज़ियाबाद

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Iftekhar Ahmed

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Updated: 19 Dec 2017, 10:33 PM IST

CBI

गाजियाबाद/नोएडा. वर्ष 2009 के 3 सितंबर को एमिटी यूनिवर्सिटी के छात्र जस्टिन जॉन की एमिटी यूनिवर्सिटी के कैंपस में हुई हत्या के मामले में मंगलवार को गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट ने कॉलेज के तीन पूर्व छात्रों के ऊपर हत्या का चार्ज फ्रेम किया है। इसके साथ ही कोर्ट ने उन्हें 15 जनवरी तक ट्रायल फेस करने के लिए कोर्ट में पेश होने का आर्डर दिया है। इस मामले में सीबीआई ने दो बार क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किया था, लेकिन सोमवार को सीबीआई की जज चेतना सिंह ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए तीन लोगों को समन जारी किया।

गौरतलब है कि केरल हाईकोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। 3 सितंबर को बी-टेक के छात्र जस्टिन जॉन का शव कॉलेज के स्विमिंग पूल में ढाई फीट पानी के अंदर पड़ा मिला था। तब कॉलेज प्रबंधन ने यह दावा किया था कि छात्र की मौत स्विमिंग पूल में डूबने की वजह से हुई है।

अमेठी यूनिवसिटी में केरल के छात्र की स्वीमिंग पूल में डूबने की वजह से हुई मौत के मामले में सोमवार को सीबीआई कोर्ट मृतक छात्रा के पिता की प्रोटेस्ट रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेते हुए तीन छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के आदेश दिए। छात्र की मौत के बाद पीड़ित पिता की तरफ से सीबीआई जांच कराए जाने के लिए केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था। हाईकोर्ट की तरफ से सीबीआई को जांच के आदेश दिए गए। मामले में सीबीआई की तऱफ से दो बार क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई। विरोध में पिता की तऱफ से प्रोटेस्ट रिपोर्ट दाखिल की गई थी। जिस पर सोमवार को गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट की तरफ से स्वतः संज्ञान लिया गया। अदालत के आदेश पर अब तीन छात्रों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी।

क्या है पूरा मामला
केरल निवासी जस्टिन जेवियर अमेठी यूनिवसिटी नोएडा में साल 2009 में बीटेक फर्स्ट ईयर की पढाई कर रहा था। तीन सितम्बर को विवि के स्वीमिंग पूल में नहाने के दौरान उसकी मौत हो गई थी। छात्र को कैलाश अस्पताल ले जाया गया था। वहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। अस्पताल के मेमों के जरिए पुलिस को छात्र की मौत के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद में परिवार के लोग भी मौके पर पहुंचे थे। केरल में ही अपने गृह क्षेत्र में छात्र को दफनाया गया था। जस्टिन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर कारण चोट लगना बताया गया था। इसके बाद छात्र के पिता ने केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मामले की जांच सीबीआई कोर्ट से कराए जाने की मांग की। केरल हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की जांच भी शुरू हुई और सीबीआई ने इसमें दो बार क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की।