
Friendship day 2018 : पहले जान लिए इस खूबसूरत रिश्ते को मनाने की असली वजह, भावुक हो जाएंगे आप
गाजियाबाद। एक इंसान के जीवन में कई रिश्ते होते हैं। कुछ रिश्ते उसे जन्म के साथ ही मिलते हैं तो कुछ को वह समय के साथ खुद बनाता है। एक ऐसा ही खूबसूरत रिश्ता होता है दोस्ती का। जहां न जाती होती है ना धर्म का बंधंन।इसी रिश्ते को और खास बनाने के लिए हर साल फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। इस बार #Friendship_Day 5 अगस्त को मनाया जाएगा। जिसके लिए लोगों ने अपने दोस्त का दिन खास बनाने के लिए तमाम तैयारियां पूरी कर ली हैं। लेकिन तैयारियों से पहले ये जान ले कि आखिर फ्रेंडशिप डे की शुरुआत कैसे हुआ और क्यों लोग इसे दोस्ती के दिन के रुप में मनाते हैं।
फ्रेंडशिप डे को लेकर कुछ लोगों का कहना है कि प्रथम विश्व युद्ध के बाद लोगों और देशों के बीच काफी तनाव बढ़ गया था। लोग एक दूसरे से नफरत करने लगे थे। जिसके बाद 1935 में अमेरिकी सरकार ने फ्रेंडशिप डे की शुरुआत की थी। उस समय ये बात तय की गई थी कि अगस्त का जो भी पहला रविवार होगा, उसी दिन फ्रेंडशिप डे मनाया जाएगा। इस दिन को तय करने के पीछे एक मत ये भी है कि संडे के दिन लोगों की छुट्टी होती है और वो दोस्तों के साथ ये इस दिन इंज्वॉय कर सकते हैं।
इसके पीछे एक दूसरा तर्क ये भी है कि अगस्त के पहले रविवार को अमेरिकी सरकार ने एक व्यक्ति को मार दिया था और जिसकी याद और गम में एक दोस्त ने आत्महत्या कर ली। उसी दिन से सरकार ने अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे के रूप में मनाने का निर्णय लिया। तब से इस दिन को हम दोस्तों के लिए मनाते आ रहे हैं।
वैसे भारत में अगस्त के पहले रविवार को ही फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। लेकिन कुछ देशों में इसे अगस्त के पहले रविवार को नहीं बल्कि दूसरे रविवार को मनाया जाता है। तो वहीं कुछ देशों में 8 अप्रैल को फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। फ्रेंडशिप डे की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए साल 1997 में UNESCO ने दोस्ती के दिन को एक सार्वजनिक रूप देते हुए एक दिन को गठित करने का फैसला किया और चाहा कि हर साल दुनिया भर के लोग दोस्ती के इस दिन को मनाएं। UNESCO द्वारा इस दिन को मनाने के पीछे का एक ही मकसद था कि दुनिया भर में दोस्ती के माध्यम से शांति बनी रहे।
Published on:
02 Aug 2018 02:46 pm
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