
गाजियाबाद. बीते बुधवार को राजधानी दिल्ली में नई आबकारी नीति लागू कर दी गई। लेकिन इसका असर गाजियाबाद जिले में अधिक पड़ा। दिल्लीवासियों को जब दिल्ली में अपना मनपसंद ब्रांड नहीं मिला तो उन्होंने गाजियाबाद की ओर रूख किया। इसके बाद कौशांबी, साहिबाबाद, मोहननगर और बॉर्डर पर स्थित यूपी की शराब की दुकानों का स्टाक रात 9 बजे तक खत्म हो गया। कई दुकानों में तो व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस की मदद ली गई।
नई आबकारी नीति लागू होने के पहले ही दिन दिल्ली के लोगों को उनकी मन पसंद शराब की ब्रांड नहीं मिली। ऐसे में लोगों ने सीधे गाजियाबाद में शराब की दुकानों की तरफ रुख किया। देर शाम तक जिले में अंग्रेजी शराब की छह हजार से अधिक पेटियों की बिक्री दर्ज की गई है। जबकि मंगलवार को पांच हजार पेटियों की बिक गई। सामान्य दिनों में विदेशी शराब की तीन हजार पेटियों की ही बिक्री होती है।
दरअसल, दिल्ली में नई नीति लागू होने की वजह से अधिकांश निजी दुकानों पर लोगों को शराब नहीं मिली। सरकारी दुकानों को बंद करते हुए दिल्ली सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को दुकानों को खुली बोली के माध्यम से आवंटित कर दिया है। पिछले वर्ष के सापेक्ष शराब की कीमतों में दस फीसद की वृद्धि भी कर दी गई है। ऐसे में दिल्ली के लोग गाजियाबाद से शराब खरीद रहे हैं। पिछले 20 दिन से जिले में शराब की बिक्री में पचास फीसद से अधिक इजाफा हो रहा है। लोनी, साहिबाबाद, इंदिरापुरम, वैशाली, कौशांबी, भोपुरा और विजयनगर क्षेत्र की दुकानों पर महंगी शराब की बिक्री बढ़ते देख विभाग ने निकासी बढ़ा दी है। बॉर्डर क्षेत्र की 116 दुकानों पर अधिक बिक्री हो रही है।
गाजियाबाद में शराब दुकान मालिकों का कहना है कि नई दिल्ली में नई आबकारी नीति लागू होने के कारण दुकान पर आम दिनों के सापेक्ष शराब की बिक्री 50 से 60 फीसद अधिक बढ़ी है। आने वाले 20 दिनों तक दिल्ली में लोगों को मनपसंद विदेशी शराब के ब्रांड की उपलब्धता पर संकट गहरा गया है।
जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि राजधानी दिल्ली में नई आबकारी नीति लागू होने से गाजियाबाद में शराब की बिक्री बढ़ी है। बार्डर क्षेत्र की दुकानों पर कई टीमें तैनात की गई हैं।
Updated on:
18 Nov 2021, 5:06 PM IST
Published on:
18 Nov 2021, 5:00 PM IST
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