
गाजियाबाद। भारतीय जनता पार्टी की मेयर की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ गई हैं। ये आफत किसी ओर की तरफ से नहीं, बल्कि नगर निगम में विपक्षी दलों के पार्षदो की तरफ से आ सकती हैं। दरअसल, महापौर आशा शर्मा के खिलाफ विपक्षी दलों ने हल्ला बोल करते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नाराजगी जाहिर की। इसके अलावा मेयर पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए उन्होंने डीएम रीतू माहेश्वरी और एसडीएम से शिकायत की है। जिसपर डीएम ने इस बारे में महापौर से बात किए जाने का आश्वासन दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पार्षद जाकिर सैफी समेत अन्य पार्षदों ने बात रखते हुए कहा कि नगर निगम चुनाव को बीते करीब 3 महीने हो गए हैं। लेकिन विकास का टोटा आज भी नजर आ रहा है। बोर्ड मीटिंग के दौरान महापौर आशा शर्मा ने हर वार्ड में 50-50 लाख की विकास निधि की घोषणा की थी। लेकिन उसके बाद भी अभी तक विकास कार्य उन वार्डो में चालू नहीं हुए हैं। अब आलम ये है कि उस क्षेत्र की जनता काम नहीं होने पर अपने पार्षदों से सवाल कर रही है।
इस दौरान पार्षदों ने आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम के अधिकारी भी बीजेपी के एजेंट हो गए हैं, जो कि केवल बीजेपी के पार्षदों के वार्डों में ही विकास कार्य, साफ-सफाई व अन्य अभियान चला रहे हैं। क्षेत्र की जनता पार्षदों से सवाल कर रही है कि जहां पर बीजेपी के पार्षद नहीं है वहां विकास नहीं हो रहा।
सपा, बसपा, कांग्रेस व निर्दलीय पार्षदों ने अपने क्षेत्र में हो रही अनदेखे की बात मीडिया के सामने रखी। साथ ही नगर निगम में हुए घोटालों का भी जिक्र किया। पार्षदों का कहना है कि 6 मार्च से इसके सम्बद्ध में निगम में धरना दिया जाएगा।
इस दौरान बसपा पार्षद दल के नेता आनंद चौधरी, कांग्रेस पार्षद दल के नेता ज़ाकिर अली, हिमांशु कांग्रेस से मनोज चौधरी, सुल्तान सिंह खारी, माया देवी, सत प्रकाश सतो, प्रवीण गुजर , पार्षद पति चेतन यादव, मनीष शर्मा, समाजवादी पार्टी से आमद कल्लन , विनोद कुमार, महरूम व निर्दिलय पार्षद व भी मौजूद रहे।
Published on:
28 Feb 2018 11:08 am
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