
गाजीपुर बॉर्डर पर प्रतिमा बनाता कलाकार
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद. उड़ीसा से आए कलाकार गाजीपुर बॉर्डर पर किसानाें की प्रतिमाएं बना रहे हैं। इन कलाकारों का कहना है कि तैयार प्रतिमाएं खुद ही बताएंगी कि किस तरह से यह तीन कृषि कानून किसानाें की कमर ताेड़ देगा।
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किसान आंदोलन को मजबूत करने के लिए तमाम पार्टियां किसानों को अपना समर्थन देने में जुटी हैं। दूर-दराज से लाेग गाजियाबाद पहुंच रहे हैं और किसान आंदाेलन काे अपना समर्थन दे रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को तेलंगना बिहार से आया एक प्रतिनिधिमंडल राकेश टिकैत से मिला उन्होंने कहा किसी भी कीमत पर कृषि कानून काे लागू नहीं हाेने देना है। तेलंगाना से पहुंचे सांसद रेवन्त रेडी ने कहा उनके यहां भी कृषि कानूनों का विराेध हाे रहा है। उधर बिहार के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने भी कहा वह बिहार में कृषि कानून का लगातार विरोध चल रहा है और जनता दल इसे लागू नहीं होने देगी।
उड़ीसा से आए मूर्तिकार मुक्ति कांत ने बताया कि वह उड़ीसा से किसानों को समर्थन देने आए हैं। उड़ीसा के किसान भी किसान आंदोलन को अपना पूरा समर्थन देते हैं। बताया कि वह आंदाेलन स्थल पर किसानाें की एक प्रतिमा बना रहे हैं। यह प्रतिमा किसानों की दुर्दशा को दिखाएगी। उन्हाेंने यह भी कहा कि जो हाल में कृषि कानून बनाए गए हैं वह किसानाें के लिए खतरनाक हैं। 17 दिन से वह गाजीपुर बॉर्डर पर हैं और प्रतिमा बना रहे हैं। प्रतिमा के बनने में एक सप्ताह का समय और लगेगा। बाेले कि जब यह प्रतिमा बनकर तैयार हो जाएंगी ताे यह खुद ही दर्शाएंगी कि कानून कितना खतरनाक है। बताया कि यह प्रतिमाएं इस तरह से बनाई जा रही हैं जिन्हे देखकर काेई भी समझ सकेगा कि कृषि कानून किस तरह से किसानाें काे बर्बाद कर देगा।
Published on:
20 Feb 2021, 10:36 AM IST
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