
गाजियाबाद. इस दीपावली पटाखे के धुए से कोविड से ठीक हुए मरीजों को अपने आप को बचाना होगा। कोविड संक्रमण के शिकार हुए लोगों के लिए पटाखे का धुंआ उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को और बढ़ा सकता है। मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड के प्रभारी रहे डॉ.वीरोत्तम तोमर ने इसको लेकर सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोविड की दूसरी लहर में ज्यादा मामले सिम्टोमेटिक थे और उसमें बड़ी संख्या में गंभीर मरीजों की रही। जिले में हजारों लोग कोरोना पॉजिटिव हुए तथा इसमें से कई ऐसे हैं,जो गंभीर हालत से गुजरते हुए कोरोना से ठीक हुए हैं। इसमें कम उम्र के बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल रहे हैं।
अभी भी कमजोर है लोगों के फेफड़ें
कोरोना का प्रभाव सबसे ज्यादा बीमार लोगों के फेफड़ों पर पड़ा है। कोविड पाजिटिव रहे काफी लोग ऐसे हैं, जिनका फेफड़ा पूर्व की तरह न होकर अब कमजोर हो चुके हैं, लेकिन दवाइयों और खानपान के कारण वे धीरे-धीरे मजबूत हो रहे है। ऐसे में दीपावली पर पटाखों का धुआं उनके लिए जहर साबित हो सकता है। ऐसे लोगों को दोबारा सांस फूलने की समस्या बढ़ने पर उन्हें अस्पताल तक में भर्ती होना पड़ सकता है।
इस साल न फोड़े पटाखा
उन्होंने लोगों से अपील किया कि कोरोना के पूर्व मरीजों के स्वास्थ्य को देखते हुए इस साल पटाखा न फोड़े। उन्होंने कहा कि लोगों को चाहिए कि अपने और आसपास के परिवार के लोगों को पटाखा फोड़ने से मना करें। जिससे कि किसी ऐसे पोस्ट कोविड मरीज को परेशानी का सामना न करना पड़े।
सेहत के लिए खतरा है पटाखा का धुआं
डॉ. वीरोत्तम तोमर का कहना है कि शहर से लेकर गांव तक एक बड़ी संख्या ऐसी है, जो कोविड पॉजिटिव तो हुए, लेकिन उन्होंने जांच नहीं कराया। दुकान से दवा लेकर खा कर ठीक हो गए। कोविड से अलग-अलग स्तर तक लोगों का फेफड़ा प्रभावित हुआ है। ऐसे में इन सभी के लिए पटाखों का धुंआ नुकसानदेह साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों का सीटी स्कोर 22 से 25 फीसद तक है, ऐसे मरीजों की सेहत के लिए पटाखा का धुआं गंभीर खतरा है। कोविड प्रभावित रहे लोगों को चाहिए कि नियमित रूप से मास्क का प्रयोग करें। धुंआ से दूर रहें।
Published on:
28 Oct 2021, 4:44 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.