26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पुलिस ने गाजियाबाद से पकड़ा अफगानी नागरिक, जांच में मिला एेसा सामान कि खुफिया विभाग भी हो गया चौंकन्‍ना

दिल्ली एनसीआर के बड़े अस्पतालों में करता था यह काम
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

गाज़ियाबाद

•

image

Nitin Sharma

•

Updated: 23 Aug 2018, 2:07 PM IST

DEMO PIC

पुलिस ने गाजियाबाद से पकड़ा अफगानी नागरिक, जांच में मिला एेसा सामान कि खुफिया विभाग भी हो गया चौंकन्‍ना

गाजियाबाद।एनसीआर में आने वाले यूपी के गाजियाबाद जिले में पुलिस ने गुरुवार को यहां सालों से छिपकर रह रहे, एक अफगानी नागरिक को धर दबोचा।यह जानकारी मिलते ही सारे खुफिया विभाग चौंकन्‍ने हो गये।इसकी वजह इस अफगानिस्तानी के पास से अवैध तरीके से बने भारतीय आर्इडी यानि आधार कार्ड आैर पैन कार्ड भी मिलना है।पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।इतना ही नहीं पुलिस ने आरोपी के पास से एक एेसा सामान भी बरामद किया है।जिसके बाद खुफिया विभाग की टीमें अर्लट होकर जांच में जुट गर्इ है।आरोपी के पास खून से लिखी दो डायरी मिली है।जिन्हें पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।वहीं पुलिस से लेकर एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही है।

वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें-बुलंदशहर का एक ऐसा गांव जहां हर घर से है एक सैनिक

तीन महीने के लिए टूरिस्ट वीजा पर आया था आरोपी आैर फिर

गाजियाबाद में छिपकर रह रहा आरोपित ओमेर शाह अहमद जई उर्फ ओमेर खान अफगानिस्तान के काबुल शहर के टेन स्ट्रीट का रहने वाला है।लिंक रोड थाना प्रभारी जय प्रकाश चौबे ने बताया कि आेमेर तीन अक्टूबर 2013 को तीन माह के टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था।वह दिल्ली के चांदनी चौक स्थित समीर होटल में रुका। इस होटल में अधिकांश अफगानी आकर रुकते हैं।होटल में ओमेर पर करीब 28 हजार का बकाया हो गया। इसका आेमेर भुगतान नहीं कर पाया।इस पर होटल संचालक ने उसका वीजा आैर पासपोर्ट जब्त कर उसे भगा दिया था।

यह भी पढ़ें-मुन्ना बजरंगी की हत्याकांड में इस पूर्व दिग्गज सांसद की काॅल डिटेल खंगाल रही पुलिस

हाेटल से निकलकर हिमाचल के शिमला पहुंच गया था ओमेर

बकाया न देने पर होटल मालिक द्वारा आेमेर खान के पासपोर्ट आैर वीजा को जब्त करने पर आरोपी आेमेर हिमाचल प्रदेश के शिमला जा पहुंचा। यहां आरोपी ने मजदूरी शुरू कर दी। एक साल तक मजदूरी करने के बाद वह दिल्ली के वजीरपुर आ पहुंचा। यहां भी उसने काम किया। इसके बाद वह गाजियाबाद के साहिबाबाद में आकर रहने लगा।यहां वह गांव में ही एक मकान में किराए पर रहा था।

एेसे बनवा लिया आधार आैर पैन कार्ड फिर अस्पताल में शुरू कर दी नौकरी

आरोपी पिछले तीन सालों से गाजियाबाद के साहिबाबाद में किराए पर रहा था। उसने यहीं के पते पर आधार कार्ड आैर पैन कार्ड भी बनवा लिया। हालांकि इसमें आरोपी ने पिता की जगह बड़े भार्इ का नाम लिखवा लिया। वहीं अपना नाम भी अधूरा दिया। इतना ही नहीं आरोपी ने अच्छी हिंदी आैर अरबी व पश्तूनी बोलने का फायदा उठाते हुए गुड़गांव आैर दिल्ली के दो बड़े अस्पतालों में द्विभाषिये का काम शुरू कर दिया। अफगानी होने का शक न हो, इसके लिए वह हिंदी फिल्में देखता और हिंदी गाने सुनता था।

अफगानी के पास से मिला एेसा सामान

वहीं अफगानी के सामने आने के बाद से आइबी और अन्य खुफिया एजेंसियां भी उससे पूछताछ कर रही है। इसकी भी जांच की जाएगी अफगानी का आधार और पैन कार्ड साहिबाबाद गांव के पते पर कैसे बना। आरोपित के पास से दो डायरी मिली हैं। इन दोनों डायरियों में खून से अरबी भाषा में लिखा है। जिसके बाद एजेंसियां मामले की जांच में जुट गर्इ है।

बड़ी खबरें

View All

गाज़ियाबाद

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग