
इस 'आर्इपीएस' को पकड़ने आर्इ पुलिस तो जमाने लगा धौंस, सामने आर्इ सच्चार्इ तो निकल गर्इ हेकड़ी
गाजियाबाद।घंटों पढ़ार्इ आैर मेहनत के बाद यूपीएससी की परीक्षा क्वाॅलिफाइड करने के बाद कोर्इ भी आर्इपीएस बन पाता है। आर्इपीएस देश की सर्वश्रेष्ठ नौकरी में आता है, लेकिन एक शख्स बिना मेहनत आैर पढ़ार्इ किये ही आर्इपीएस बनकर पुलिसकर्मियों पर रौब छाड़ने लगा। हालांकि इस बार उसका यह शातिराना अंदाज उस पर भारी पड़ गया। जिसके बाद पुलिस ने उसकी धौंस निकालते ही इस फर्जी आर्इपीएस की सच्चार्इ खोल दी। पोल खुलने पर पता चला कि आरोपी गाजियाबाद के क्राॅसिंग रिपब्लिक का रहने वाला है। इतना ही नहीं उसकी पत्नी यूपी पुलिस में कांस्टेबल है। इसके साथ ही इटावा जिले में पुलिस गिरफ्त में आने पर कर्इ सारे खुलासे किये।
पुलिस ने एेसे दबोचा आरोपी ताे खुल गर्इ पोल
दरअसल गुरुवार को इटावा जिले के एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्त में आए आरोपी फर्जी आईपीएस की पहचान अमित यादव उर्फ जोगेंद्र यादव के रूप में हुर्इ है। आरोपी के पास से तलाशी में उपनिरीक्षक का पहचान पत्र मिला है। इसमें उसकी भर्ती तिथि 2005 लिखी थी। इसके अलावा उसके पास से मिले आधार कार्ड में भी उसका नाम अमित कुमार निवासी जीएच-7 क्रॉसिंग रिपब्लिक गाजियाबाद लिखा था। आरोपी के पास से आईपीएस की वर्दी, दो मोबाइल, नेम प्लेट भी मिली है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस को पिछले तीन दिनों से सूचना मिल रही थी कि एक व्यक्ति आईपीएस अधिकारी की वर्दी पहन कर अपनी कार से घूम रहा है। इसी सूचना पर सिविल लाइन व क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी को पकड़ लिया।
खुद को अधिकारी बताकर कर चुका है लाखों रुपये की ठगी
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी अमित ने स्वीकार किया है कि अभी तक नौकरी दिलाने के नाम पर वह लोगों से करीब साठ लाख से अधिक रुपये ऐंठ चुका है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया है। वह करीब 13 साल से ठगी का काम करता आ रहा है। इससे 2007 में पहली शादी की थी। उसने ससुराल पक्ष को अपने अपने आपको सिपाही बताया था। जब ससुराल पक्ष को जानकारी हुई तो 2010 में उसका तलाक हो गया।
महिला सिपाही से की दूसरी शादी खुद को बताया था सब इंस्पेक्टर आैर फिर एसडीएम
पुलिस ने दावा किया आरोप ने जेल से छूटने के बाद उसने 2014 में यूपी पुलिस में तैनात महिला कांस्टेबल से शादी कर ली। आरोपी ने महिला को बताया था कि वह यूपी पुलिस में एसआर्इ है। इसके कुछ समय बाद ही उसने जानकारी दी कि उसका एसडीएम के पद पर चयन हुआ है आैर मुरादाबाद में तैनाती मिली है। 2016 में उसने आईपीएस में चयन होने की बात कही। वह ट्रेनिंग पर जाने की बात कहकर घर से बाहर रहा और ठगी करता रहा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
Published on:
02 Nov 2018 07:08 pm
