
गाजियाबाद. होली के त्यौहार के नजदीक आने के साथ ही जिल पंचायत चुनाव का बिगुल भी बज चुका है। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला पंचायत अध्यक्ष के रिक्त पद के चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने चुनाव समय सारिणी जारी कर दी है। 12 मार्च को सुबह ग्यारह बजे से दोपहर तीन बजे तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। इसी दिन नामांकन-पत्रों की जांच भी होगी। 15 मार्च को उम्मीदवार का नाम वापस लेने की तिथि तय हुई है। 19 मार्च को चुनाव होगा। मतगणना भी 19 मार्च को ही होगी।
अध्यक्ष की दावेदारी में आमने सामने है भाजपा के ये दो नेता
जिला पंचायत चुनाव को लेकर काफी दिनों से शह और मात का खेल चल रहा है। चुनाव में भाजपा के पवन मावी और अनिल कसाना आमने-सामने हैं। सपा से भाजपा में आए पवन मावी अपनी धर्मपत्नी को चुनाव जिताने के लिए जहां काफी कुछ कर चुके हैं, वहीं अनिल कसाना भी अपनी मजबूत दावेदारी के दावे कर रहे हैं। अंदरखाने यह चुनाव पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं व संगठन के लिए सिरदर्द बना हुआ है। खासतौर पर भाजपा चुनाव में किसको समर्थन देती है, इसी पर पूरा गेम टिका हुआ है। दोनों दावेदारों के मजबूती से ताल ठोंकने की वजह से असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
क्षेत्रीय अध्य़क्ष पर टिकी है निगाहे
अब जब अधिसूचना जारी हो गई है तो संगठन पर जल्द ही समर्थन देने का प्रेशर भी बन गया है। सबकी निगाहें इस वक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी पर आकर टिक गर्इं हैं। खासतौर इस चुनाव में विधायक अजित पाल त्यागी, विधायक नंदकिशोर गुर्जर , पूर्व विधायक एवं प्रदेश कार्य समिति सदस्य प्रशांत चौधरी, वरिष्ठ भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया की क्या भूमिका रहने वाली है इस पर भी सभी की निगाहें हैं। दिन ब दिन चुनाव में गर्मी बढ़ने की संभावना है।
विधायकों के लिए भी प्रतिष्ठा का सवाल
भाजपा का समर्थन अनिल कसाना या फिर पवन मावी में से किसको मिलता है। वोटों के लिहाज से इनमें से एक का पक्ष काफी मजबूत माना जा रहा है। यह चुनाव अजित पाल त्यागी और नंदकिशोर गुर्जर के लिए भी प्रतिष्ठा का प्रश्न बताया जा रहा है। हापुड़ से भाजपा की ओर से प्रदेश कार्यकारिणी समिति सदस्य राजेंद्र तेल वाले भी मैदान में हैं। यहां पर भी पूर्व विधायक प्रशांत चौधरी के दांव पर काफी कुछ टिका हुआ है।
एमएमलसी के भाई की हिलाई थी कुर्सी
मुलायम सिंह .यादव के करीबी और मुरादनगर से एमएलसी आशु मलिक के भाई नूर हसन मलिक पहले जिला पंचायत अध्यक्ष थे। लेकिन विधानसभा में भाजपा की सरकार के आने के बाद में सभी भाजपा के जिला पंचायत सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर नूरहसन को कुर्सी से हटा दिया था।
Published on:
27 Feb 2018 02:35 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
