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मोदी सरकार को चेतावनी, नहीं किया यह काम तो 2019 लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा

फूलपुर व गोरखपुर और कैराना लोकसभा उपचुनाव में हार संकेत है, नहीं संभले तो 2019 में भी उठाएंगे नुकसान।
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गाजीपुर

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Mohd Rafatuddin Faridi

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Updated: 10 Jun 2018, 9:08 AM IST

Narendra Modi and Amit Shah

नरेन्द्र मोदी और अमित शाह

गाजीपुर. भारतीय जनता पार्टी गोरखपुर व फूलपुर और अब कैराना लोकसभा उपचुनाव में हार का मुंह देख चुकी है। वह भी तब जब केन्द्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकार है। यह कोई मामूली हार नहीं केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के लिये संकेत है कि अब वो अपने किये वादों को पूरा करें। कर्मचारियों की जायज मांगों को मानें, यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो जिन लोगों ने सत्ता सौंपी थी वह अगर खिलाफ हो गए तो सत्ता सुख बहुत दिनों तक नहीं बाकी रहेगा। गोरखपुर, फूलपुर और कैरान में सरकार का जो हश्र हुआ वह आने वाले 2019 के चुनाव में भी भुगतना पड़ेगा।

चेतावनी समाजवादी पाटी, बसपा, कांग्रेस या किसी और राजनीतिक दल ने नहीं दी है। कर्मचारी यूनियन की ओर से यह चेतावनी सरकार को बाकायदा मीडिया के सामने आकर दी गयी है। यूनियन की ओर से कहा गया कि कर्मचारियों को अपना हक मांगने के लिये इस सरकार में सड़क पर उतरना पड़ रहा है। पिछले कई दिनों से कर्मचारी आंदोलनरत हैं, कलमबंद कार्य बहिष्कार कर रहे हैं, उनके पास मांगों की कोई लम्बी फेहरिस्त नहीं, महज तीन सूत्रीय मांगें ही हैं।

युनियन की ओर से कहा गया कि सरकार की ओर से जिस तरह से कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार को नजरअंदाज कर रही है वह आगे बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। कार्य बहिष्कार से सरकार की तमाम योजनाएं प्रभावित होंगी औश्र साथ ही आम नागरिक भी परेशान होगा। सरकार जिन योजनाओं का ढिंढोरा पीट रही है उसे सूचारू रूप से चलाने में सचिवों की सबसे ज्यादा भूमिका है। सचिवों से काम भी सबसे ज्यादा लिया जाता है। बावजूद इसके वेतन के मामले में वह चपरासी से महज 100 रुपये ही कम हैं।

एक बार फिर अपनी मांगें दोहरायीं। पहली मांग बतायी कि सैलरी के पे ग्रेड को 2800 से लगाकर 29200 रुपये किया जाय। दूसरी मांग यह कि ग्राम सचिवों की भर्ती के लिये योग्यता स्नातक की जाए और ट्रिपल सी की जगह ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स अनिवार्य किया जाए। तीसरी मांग है कि सीधी भरती के सापेक्ष प्रोन्न्तीय पद क से कम 30 फीसद समय में 10 साल पर पहली तरक्की 16 साल पर दूसरी और 26 साल पर तीसरी प्रोन्न्ति दी जाय। बता दें कि अपनी मांगों को लेकर ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी मन्यवय समिति के बैनर तले पिछले कई दिनों से आंदोलन रत हैं और कलमबंद कर कार्य बहिष्कार कर रहे हैं।
By Alok Tripathi

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