2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अलीशेर कर रहे हनुमान की गदा को लेकर प्रचार, राह रोकने की बीजेपी, सपा व कांग्रेस की रणनीति

पूर्व पर्यटन मंत्री का खास भी मैदान में, जानिए क्या है कहानी
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

गाजीपुर

•

image

Devesh Singh

•

Updated: 20 Nov 2017, 6:36 PM IST

Election 2017

Election 2017

गाजीपुर. नगर निगम चुनाव के लिए प्रथम चरण में होने वाले मतदान के लिए सोमवार को चुनाव प्रचार थम गया है। २२ नवम्बर को मतदान के बाद प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो जायेगा। सभी दलों के प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार के लिए अपनी सारी ताकत लगा दी है। गाजीपुर के दिलदार नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी बेहद खास हो गयी है। बाहुबली मुख्तार अंसारी का गढ़ माने जाने वाले इस सीट पर अन्य प्रत्याशियों के साथ अलीशेर की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। अलीशेर लगातार दो बार इस सीट से अध्यक्ष पद का चुनाव जीत चुके हैं और तीसरी बार चुनावी मैदान में है। अब देखना है कि इस बार जनता किस प्रत्याशी का साथ देती है।
यह भी पढ़े:-सपा व कांग्रेस के लिए फजीहत बन सकती है यह पार्टी, बीजेपी भी वोटों में करेगी सेंधमारी



सपा सरकार में पर्यटन मंत्री रहे ओमप्रकाश सिंह की प्रतिष्ठा भी इस सीट पर दांव पर लगी हुई है। सपा ने इस सीट से बब्बन गुप्ता पर दांव लगाया हुआ है, जबकि बीजेपी विधायक सुनीता सिंह ने बागी उम्मीदवार दिनेश प्रधान पर दाव लगाया हुआ है जबकि बीजेपी के अधिकृत उम्मीदरवार सोनू गुप्ता को मैदान में उतारा है। बसपा ने मुख्तार अंसारी के प्रत्याशी को अपना समर्थन दिया है। कांग्रेस ने जीतेन्द्र वर्मा को टिकट दिया है। बीजेपी में ही बगावत हो जाने से पार्टी का दावा कमजोर हो चुका है अब सबकी निगाहे सपा व कांग्रेस प्रत्याशी पर लगी है। चुनाव प्रचार थम जाने के बाद सभी दलों के नेता अब मतदाताओं के घर-घर पर जाकर चुनाव प्रचार करने में जुटे हैं। जमानिया विधानसभा में ही दिलदार नगर आता है और यहां पर लगातार दो बार से मुख्तार अंसारी के खास अलीशेर राईनी उर्फ भोलू का कब्जा है। सभी दलों के पास मुख्तार के तिलस्म को तोडऩे की चुनौती है यह तो जनता ही तय करेगी कि किसी वह अपने नेता माने।
यह भी पढ़े:-नगर निगम चुनाव के बाद सीएम योगी सरकार करेगी बड़ा धमाका

आसान नहीं होता है नगर पंचायत का चुनाव
नगर पंचायत चुनाव आसान नहीं होता है। दिलदार नगर पंचायत अध्यक्ष की बात की जाये तो यहां पर कुल ११ वार्ड हैं और लगभग १० हजार वोट मतदान करते हैं। इस सीट पर सपा सरकार में पर्यटन मंत्री रहे ओमप्रकाश ङ्क्षसह भी अपने प्रत्याशी को जीत नहीं दिलवा पाये हैं। अलीशेर राईनी पर कई तरह के आरोप भी लगते रहे हैं। आरोपों की माने तो कोई ऐसा वार्ड नहीं है जहां पर अलीशेर का कई मंजिला आवास न हो। हालांकि अलीशेर ऐसे आरोपों को खारिज करते हैं उनका कहना है कि वह व्यापारी है हमने किसी तरह का भ्रष्टाचार नहीं किया है।
यह भी पढ़े:-इस टीचर को आप भी करेंगे सलाम, शिक्षा को पटरी पर लाने के लिए दौड़ा दी दुरावल एक्सप्रेस

चर्चा का विषय बना है अलीशेर का चुनाव चिन्ह
अलीशेकर का चुनाव चिन्ह चर्चा का विषय बना हुआ है। अलीशेर हनुमान की गदा को चुनाव चिन्ह बनाया है। अलीशेर का कहना है कि वह राम राज्य लाने के लिए ही चुनाव लड़ रहे हैं। नगर पंचायत पद पर निर्दल प्रत्याशियों ने भी ताकत लगायी है। चुनाव प्रचार थम चुका है और दो दिन बाद मतदान होना है। किसको इस बार जीत मिलती है और किसे हार। इस पर सभी की निगाहे लगी है।
यह भी पढ़े:-प्रत्याशियों को जीता कर भी हार सकते हैं विरोधी दल, बीजेपी का खास प्लान तैयार

बड़ी खबरें

View All

गाजीपुर

उत्तर प्रदेश