30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अफजाल अंसारी की जुबानी, उनके परिवार को किसने और क्यों दी बाहुबली की उपाधि

Afzal Ansari: मुख्तार अंसारी के राजनीति में आने के बाद उनकी कई अदावतें हुईं और परिवार का राजनीति का रंग ढंग बदल गया।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

गाजीपुर

•

image

Rizwan Pundeer

•

Updated: 29 Apr 2023, 4:18 PM IST

Afzal Ansari

अंसारी बंधुओं के लिए अक्सर बाहुबली शब्द का इस्तेमाल किया जाता है।

गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी और मऊ के पूर्व विधायक उनके भाई मुख्तार अंसारी को कोर्ट ने सजा सुनाई है। मुख्तार अंसारी पहले से ही जेल में हैं। अब अफजाल को भी जेल जाना होगा। दोनों भाईयों पर मुकदमों और आरोपों के चलते परिवार के नाम के साथ काफी समय से बाहुबली शब्द जोड़ा जाता रहा है। हालांकि अफजाल इससे इत्तेफाक नहीं रखते हैं।


अफजाल बोले थे- बाहुबली की परिभाषा नहीं जानता लेकिन...
अफजाल ने 2019 में एक इंटरव्यू में कहा था कि उनका परिवार हमेशा सामंतवाद के खिलाफ रहा है। पूंजीवादी सोच के लोग गरीबों पर अत्याचार करते थे। हमारा परिवार गरीब के पक्ष में खड़ा हुआ।

अफजाल ने कहा था, "गरीब का हमारे साथ आना और हमारा गरीब को मदद करना सामंतियों, पूजीपंतियो को बुरा लगता रहा। ऐसे में कुछ और ना कह सके तो बाहुबल का नाम दे दिया। मैं नहीं जानता कि बाहुबल की क्या परिभाषा होगी। हमने जो रोता हुआ आया, सताया हुआ आया उसकी मदद की। इंसानियत के लिए ये करना अगर बाहुबल है तो हम ये करते हैं। इसे हम बीते 40 साल से करते आ रहे हैं। इसीलिए गरीब हमारा साथ देता है। राजनीति में इतने लंबे समय तभी टिक सकते हैं जब आपको लोग पसंद करते हों।"

यह भी पढ़ें: अंसारी ब्रदर्स: 3 भाई, तीनों राजनीति में, 38 साल में जीते 14 विधानसभा और 2 लोकसभा चुनाव


बड़ी खबरें

View All

गाजीपुर

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग