
रिपोर्ट:-आलोक त्रिपाठी
गाजीपुर. कबूतरबाजी के चलते अबू धाबी में फंसे मुस्लिम युवक को बचाने के लिए बीजेपी के इस मंत्री ने बड़ी पहल की। मंत्री की पहल पर सक्रिय हुए विदेश मंत्रालय ने युवक की सकुशल वतन वापसी करायी। बेटे के आ जाने से खुश पिता ने कहा कि मंत्री जी के चलते मेरे बेटे की जान बच गयी। मंत्री को धन्यवाद देने जब पिता व पुत्र उनके कार्यालय पहुंचे तो मंत्री से भेंट नहीं हो पायी। वहां मौजूद सांसद प्रतिनिधि को मिठाई खिलाकर उनको शुक्रिया कहा। क्षेत्र में इस घटना को लेकर जमकर चर्चा हो रही है यदि मंत्री ऐसे ही जनता सुनते रहे तो उनकी समस्याओं का समाधान हो जायेगा।
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जिले के नंदगंज थाना क्षेत्र के पहाड़पुर निवासी वसीफ बेरोजगार था वह कमाई करके अपने परिजनों के सपने को पूरा करना चाहता था लेकिन उसे रोजगार ? नहीं मिल पाया था। वसीफ अच्छा पैसा कमाना चाहते थे इसके लिए वह खाड़ी देश जाना चाहता था वसीम ने बकायदे पासपोर्ट भी बनवा चुका था लेकिन खाड़ी देश जाने का मौका उसे नहीं मिल पाता था। वसीम की इस इच्छा के बारे में परिवार व रिश्तेदार सभी जानते थे। वसीफ के पास एक रिश्तेदार का फोन आता है और उसे अबू धाबी में अच्छी नौकरी दिलाने की बात बताता है। रिश्तेदार की लालच में आये वसीम अच्छे पैसे कमाने के लिए वहां पर चला जाता है। आबू धाबी पहुंचने पर वसीम को अच्छी नौकरी की जगह मजदूरी के काम में लगा दिया गया। दिन-रात वसीम से काम लिया जाने लगा। वसीम ने जब इस बात की शिकायत अपने रिश्तेदार से की तो उसके सुर बदल गये। रिश्तेदार ने वसीम को धमकाते हुए कहा कि चुपचाप जो काम मिला है उसे करो। यदि काम नहीं करोगे तो तुम्हें मार दिया जायेगा। वसीम को समझ आया कि वह फंस चुका है और अब जान बचाना भी कठिन हो गया। वसीम के पासपोर्ट आदि कागजात को काम देने वालों ने अपने पास रख लिया था इसलिए वसीम वहां से भाग भी नहीं सकता था। वसीम ने फोन के जरिए सारी बात अपने पिता को बतायी। इसके बाद पिता रिजवान को भी अपने बेटे के जान की चिंता होने लगी। गाजीपुर के एक युवक की मदद से रिजवान ने सांसद व रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा से सम्पर्क किया।
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मंत्री ने लिखा पत्र तो सक्रिय हुआ विदेश मंत्रालय
मंत्री मनोज सिन्हा ने रिजवान की सारी बाते सुनी तो मदद का भरोसा दिलाया। मंत्री मनोज सिन्हा ने तुरंत ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिख कर सारी स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद विदेश मंत्रालय भी सक्रिय हुआ। इसके बाद विदेश मंत्रालय ने तुरंत ही वसीम को अबू धाबी से मुक्त कराया और वापस अपने देश भेज दिया। गांव पहुंचे वसीफ को पहले तो विश्वास नहीं हुआ कि वह फिर से अपने देश में आ गया है। वसीम के पिता रिजवान भी बेटे की वापसी से बेहद खुश है। पिता व बेटे जब मंत्री जी को धन्यवाद देने पहुंचे तो सांसद मनोज सिन्हा से भेंट नहीं हो पायी। कार्यालय में सांसद मनोज सिन्हा के प्रतिनिधि सिद्धार्थ राय से मुलाकात हुई। पिता व बेटे ने सांसद प्रतिनिधि को ही मिठाई खिलायी और कहा कि आप लोगों ने मेरे बेटे की जिंदगी बचा ली है। पिता ने कहा कि जब से पता चला था कि मेरा बेटा विदेश में फंस गया है तब से मरी आंखों से लगातार आंसु ही गिर रहे थे लेकिन अब जाकर संतोष मिला है।
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