
भूमि विकास बैंक ने जिले के 672 किसानों को नोटिस जारी कर उनकी जमीनों को नीलाम करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है
गोंडा. किसान ने सरकारी बैंक से 30 हजार रुपए का लोन लिया था जो अब बढ़कर तीन करोड़ हो गया है। यह कहानी कोई फिल्मी नहीं है, बल्कि हकीकत है। ऐसा हुआ है उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में। जहां, किसानों ने 30 साल पहले सहकारी बैंक से 30 हजार रुपए का कर्ज लिया था। ऋण नहीं चुका पाये जो बढ़कर 3 करोड़ हो गया है। भूमि विकास बैंक ने जिले के 672 किसानों को नोटिस जारी कर उनकी जमीनों को नीलाम करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। ये वो किसान हैं जिन्हें वर्ष 2008 और वर्ष 2012 में तत्कालीन सरकारों की कर्जमाफी का लाभ नहीं मिला। योगी आदित्यनाथ ने भी सरकार बनते ही लाखों किसानों को कर्जमाफी की सौगात दी थी।
गोंडा जिले में भूमि विकास बैंक के 7752 किसान आज भी कर्जदार हैं। इन पर 36.52 करोड़ का कर्ज है। रिकवरी के लिए 924 किसानों की भूमि नीलामी की जानी है। इसके लिए 672 किसानों को बाकायदा नोटिस भी जारी किया गया है। 15.11 करोड़ की वसूली के लिए उनकी जमीन नीलाम की जाएगी।
किसानों का छलका दर्द
एक हिंदी अखबार से बातचीत में मनकापुर के अशरफ पुर गांव निवासी किसान प्रमोद कुमार पांडेय पुत्र राम बहादुर पांडेय बताते हैं कि 30 साल पहले 61 बीघा खेत पर उन्होंने 30,500 रुपया का कर्ज लिया था, अब जिस पर 2 करोड़ 96 लाख 23 हजार रुपया बना कर सम्पूर्ण खेत को नीलाम कर दिया गया। ऐसे ही तमाम पीड़ित किसानों ने अपना दर्द बयां किया है।
क्या कहते हैं क्षेत्रीय बैंक प्रबंधक
भूमि विकास विकास बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि बैंक से कर्ज लेने वाले 7752 किसानों में से 924 किसानों की भूमि नीलाम की जाएगी। 672 को नोटिस भी जारी किया जा चुका है। कर्जमाफी में जो पात्र थे उनका ऋण माफ हुआ बाकी जो कर्जदार हैं उनसे धनराशि वसूल की जाएगी।
Published on:
11 Oct 2020, 3:49 PM IST
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