
मृतक की फाइल फोटो सोर्स महेंद्र तिवारी
Gonda News:गोंडा में पत्रकार मोहम्मद सुलेमान की मौत के बाद एक वीडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। मौत से कुछ घंटे पहले बनाए गए इस वीडियो में उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से इलाज के लिए मदद नहीं मिलने की बात कही थी। उन्होंने लेखपाल की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए थे। पत्रकारों की शिकायत के बाद डीएम प्रियंका निरंजन ने जांच के निर्देश दिए हैं। बुधवार को राजस्व विभाग की टीम उनके घर पहुंची। अब स्वास्थ्य विभाग भी मामले की पड़ताल करेगा।
गोंडा जिले के मनकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत गढ़ी के रहने वाले पत्रकार मोहम्मद सुलेमान का मंगलवार सुबह अचानक निधन हो गया। उनकी मौत की खबर मिलते ही क्षेत्र के पत्रकारों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। इसी बीच सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह अपनी बीमारी, इलाज के खर्च और मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता नहीं मिलने की बात करते नजर आ रहे हैं।
वायरल वीडियो में मोहम्मद सुलेमान अपना परिचय देते हुए बताते हैं कि उनका इलाज लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चल रहा है। वह हार्ट की बीमारी से परेशान होने और हालत गंभीर होने की बात कहते हैं। उनके मुताबिक, विधायक रमापति शास्त्री ने इलाज के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद की मांग की थी। इस संबंध में पत्र जिलाधिकारी को भेजा गया था। डीएम ने मनकापुर के उपजिलाधिकारी को जांच के निर्देश दिए थे।
सुलेमान ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान चार्ज पर रहे लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट में उन्हें आयुष्मान कार्ड धारक बताते हुए राहत कोष के लिए अपात्र कर दिया। वीडियो में वह कहते हैं कि डॉक्टरों ने ICD पेसमेकर लगाने के लिए करीब 4 से 6 लाख रुपये का खर्च बताया था। उनका कहना था कि यह खर्च आयुष्मान पैकेज में शामिल नहीं है। वीडियो में उन्होंने 10 सितंबर 2026 को रिपोर्ट लगाए जाने की बात भी कही। साथ ही अपनी मौत होने पर जिम्मेदारी तय करने की अपील की। हालांकि वायरल वीडियो में कही गई बातों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मामले में ग्राम पंचायत गढ़ी के लेखपाल प्रवीण शुक्ला के अवकाश पर होने के दौरान चार्ज संभाल रहे लेखपाल आरके मिश्रा का नाम सामने आया है। यह जानकारी वायरल वीडियो और उपलब्ध विवरण के आधार पर है।
पत्रकार की मौत के बाद श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष कैलाश नाथ वर्मा के नेतृत्व में पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम प्रियंका निरंजन से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की जांच कराने की मांग की। इसके बाद डीएम ने सीडीओ गोंडा को जांच के निर्देश दिए।
डीएम के निर्देश पर तहसीलदार मनकापुर के आदेश से राजस्व निरीक्षक सुखराम वर्मा और क्षेत्रीय लेखपाल प्रवीण शुक्ला बुधवार को मृतक के घर पहुंचे। टीम को वहां पत्रकार के भाई मोहम्मद उस्मान और अन्य परिजन मिले। बताया गया कि मृतक की पत्नी सायरा बानो इलाज के लिए लखनऊ गई थीं। इस वजह से टीम उनसे मौके पर मुलाकात नहीं कर सकी।
प्रशासनिक जांच के साथ अब स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पूरे मामले की जांच करेगी। इसमें पत्रकार की बीमारी, इलाज और मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता के लिए किए गए आवेदन से जुड़े तथ्यों को देखा जाएगा। फिलहाल जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा कि राहत कोष की पात्रता तय करने में क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी और वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
Updated on:
16 Sept 2026 06:58 pm
Published on:
16 Sept 2026 06:58 pm
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