
घाघरा ने बहा दिए बेटियों के अरमान, कई कुंवारे रह गए नौजवान
गोंडा. बाढ़ का कहर जिले के कई गांवों के लिए परेशानी का सबब ही नहीं बना बल्कि बेटियों के अरमान भी बाढ़ में बह गए। जिले में घाघरा नदी के बांध कई जगहों पर बह गए, जिससे कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए और हजारों लोगों की घर गृहस्थी खाक में मिल गई। कई गांवों में बेटियों और कुंवारों की शादी होने वाली है, लेकिन शादियों पर बाढ़ ने ग्रहण लगा दिया है।
एल्गिन चरसड़ी बांध के आसपास के इलाकों में बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई है। बाढ़ की जद में आए गांवों में लोगों की गृहस्थी तबाह हो चुकी है। इस विपदा के चलते इलाके की बेटियां मायके से फिलहाल रुखसत नहीं हो सकेंगी। घाघरा के गुस्से ने इस खुशी को मायूसी में बदल दिया है। घाघरा के बाढ़ ने ऐसी तबाही मचाई है जिसमें घर, फसल और बेटी के शादी के लिए बाप-मां ने जो कुछ भी संजो कर रखा था वह सब एक पल में ही बाढ़ बहा ले गई। घाघरा ने ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं कि कई घरों में बेटियों के हाथ पीले होने हैं, लेकिन बाढ़ ने इन बेटियों के अरमान पर पानी फेर दिया है।
बाढ़ ने ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं कि नकहरा, परसावल, नैपुरा, काशीपुर, घरकुईया, सहित मांझा रायपुर सहित कई गांवों की करीब-करीब एक दर्जन बेटियों सहित यहां के कई कुंवारों की शादी पर ग्रहण लग गए हैं।
इलाके के माझारायपुर गांव में आने वाले लगन में जल्द ही करीब एक दर्जन बेटियां अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करने जा रही थी। इन घरों में शादी की तारीख भी पक्की हो गई थी, शादी की तैयारियां जोरों पर थीं, माता-पिता अपने बेटियों के लिए जतन कर बड़े अरमान से कपड़े, साड़ी और अन्य चीजें जतन कर रखी थी, लेकिन बाढ़ ने सब कुछ पल भर में ही उजाड़ कर रख दिया।
अरमान पर क्षण भर में फिर गया पानी
प्रतापपुर गांव एक परिवार के पास मात्र कुछ बीघा खेती की जमीन है, इस घर में लड़की की शादी तय थी, वहीं इसी गांव के एक अन्य घर में बेटे की शादी तय हो गई थी। दोनों घरों ने बड़े अरमान के साथ खेत में बोवाई कराई थी। इसी फसल से वे शादी की रकम जुटाने वाले थे। लेकिन उनके इस अरमान पर घाघरा नदी के बाढ़ ने एक पल में पानी फेर दिया। बांध काटने के बाद बाढ़ ने ऐसी तबाही मचाई जिससे दोनों घरों के अरमान पानी में मिल गए। खेत पानी में डूब गए और फसलें तबाह हो गईं।
सारी फसल बर्बाद हो गई
इसी दौरान घाघरा की बाढ़ ने अस्थाई बांध को काट दिया। घाघरा में उफान में दिनेश व अनिरूद्ध की सारी फसल भी बरबाद हो गयी। लोग अपने अपनी फसलों की तबाही अपनी आंखों से देख कर हैरान थे, वे इतने बेबश थे कि कुछ कर भी नहीं सकते थे। वहीं बांध के पास अपने खेतों को निहार रहे एक व्यक्ति दिनेश कुमार ने बताया कि उनकी लड़की की शादी होनी थी, लेकिन बाढ़ ने सब कुछ पल भर में तबाह कर डाला अब तो भगवान ही जानें की कैसे शादी होगी।
लोग जल्दी रिश्ता करने को तैयार नहीं होते हैं
बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोग बंधे पर शरण लिए हैं। वहीं मांझा रायपुर गांव की रहने वाली नीलम बताती हैं कि उनके लड़के और लड़की दोनों के शादी की बात लगभग पक्की हो गई थी। लेकिन बाढ़ ने सब कुछ तबाह कर दिया। वहीं बाढ़ से प्रभावित गांवों की महिलाओं ने बताया कि बाढ़ के कारण हमारे यहां लोग जल्दी रिश्ता करने को तैयार नहीं होते हैं। वहीं एक महिला ने बताया कि हमारे लड़के की शादी तय नहीं हो पा रही है, गांव बाढ़ इलाके में होने के कारण अक्सर लोग यहां पर अपने लड़के और लड़कियों की शादी नहीं करना चाहते हैं। वहीं मांझारायपुर निवासी एक महिला ने बताया कि बेटी की शादी एक जगह तय तय हो गई है। अब बाढ़ ने सब कुछ चौपट कर दिया है, यही चिंता है कि बेटी की शादी अब कैसे होगी। सारी फसल तो घाघरा बहा ले गई। इसके अलावा कई और लोग हैं जिनके जैसे रामचंद्र की बेटी तनीषा, सूरज की बेटी सुमन सहित कई लड़कों की शादी तय थी, लेकिन घाघरा ने ऐसी तबाही मचाई की सारे अरमान धरे के धरे रह गए।
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Published on:
11 Aug 2018, 8:18 PM IST
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