
गोंडा. जब आपको ये मालूम पड़े कि आपकी मौत करीब है तो आप सबसे पहले अपनी सारी इच्छाएं पूरी करने की तमन्ना रखते हैं। अपने परिवार बच्चों अौर उनके भविष्य की चिंता सताने लगती है। एक एेसा मामला सामने आया है जहां, एक बैंक प्रबंधक को ये मालूम हुआ कि वह कुछ दिनों का मेहमान है तो उनसे अपनी आखिरी इच्छा पूरी करने की सोची अौर उसकी अाखिरी इच्छा जानकर पूरा शहर दंग रह गया। मामला गोंडा का है जहां सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के चंदवतपुर शाखा प्रबंधक रहे रविंद्र प्रकाश श्रीवास्तव को जब यह पता चला कि वह गंभीर बीमारी से जूझ रहा है तो उसने 90.43 लाख रुपए का गबन कर डाला। इस रकम को उसने पत्नी, बच्चों व रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर दिया ताकि दुनिया से उसके जाने के बाद उन्हें किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
रावेन्द्र की मौत के बाद अब उसके पत्नी-बच्चों को यह गबन भारी पड़ गया। रावेन्द्र उनके परिवारीजनों के खिलाफ गबन, धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
बता दें कि सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शाखा चंदवतपुर के प्रबंधक अभय प्रताप सिंह ने देहात कोतवाली में दी गई तहरीर में कहा है कि नौ जून 2017 से 30 जनवरी 2018 तक नगर कोतवाली के जानकीनगर उपरहितनपुरवा निवासी रावेंद्र प्रकाश सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शाखा चंदवतपुर में प्रबंधक पद पर तैनात थे। वह बीमार पड़ा तो जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे बताया था कि वह छह-सात महीने ही जिंदा रहेगा। अपने घर परिवार की चिंता के चलते उसने यहां कमद उठाया।
प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह के मुताबिक रावेन्द्र ने 34 जनधन खाताधारकों की इजाजत के बगैर किसान केसीसी खाता खोला और 90.43 रुपए कर्ज मंजूर कर हड़प लिया । इसके चलते लखनऊ में एक फ्लैट भी बुक करा दिया। इसी बीच 30 जनवरी को रावेन्द्र की मौत हो गई। इसी बीच नए आए शाखा प्रबंधक अभय प्रताप सिंह को गड़बड़ी की आशंका हुई तो उन्होंने जांच कराई। तब यह मामला खुलकर सामने आया । शाखा प्रबंधक की तहरीर पर रावेंद्र समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
Published on:
3 May 2018, 11:49 AM IST
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