
इंसेफेलाइटिस के रोकथाम खातिर फिर शुरू हुआ जागरूकता माह
पूर्वांचल के लिए शाप बन चुकी इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जागरूकता खातिर विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह का शुभारम्भ सोमवार को किया गया। गांव-गांव लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमोें का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने कहा कि जे.ई./एईएस का पूर्वान्चल में कई वर्षों से प्रकोप फैला हुआ है जिससे असमय कई बच्चे या तो मौत का शिकार हो जाते हैं या विकलांग हो जाते है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 25 वर्षों से लगातार इस बीमारी से बचाव के लिए सड़क से लेकर संसद तक प्रयास कर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दिलाने का कार्य किया। उन्होंने आशा एवं एएनएम को प्रेरित करते हुए कहा कि बड़े भाग्य से मनुष्य का जीवन मिलता है, इस जीवन में हमें लोगों की मदद करनी चाहिए, हर परिवार हर गांव में जेई/एईएस के बचाव हेतु लोगों को जागरूक करें साथ ही गांव में खुले में शौच, स्वच्छता के प्रति भी लोगों को जानकारी दें।
दीक्षा भवन गोरखपुर विश्वविद्यालय में उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी के. विजयेन्द्र पाण्डियन ने कहा कि जानकारी न होने से कई लोग समय से अपने बच्चों का सही इलाज नही करा पाते है इसलिए हम सभी की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि हर घर हर गांव, हर परिवार में इस बात की जानकारी दें कि यदि किसी बच्चे को बुखार आता है तो उसे तत्काल अपने पास के पीएचसी/सीएचसी पर ले जाये जिससे उस बच्चे का समय से इलाज हो सके। सभी पीएचसी/सीएचसी पर दवाओं की उपलब्धता भी है साथ ही 19 पीएचसी/सीएचसी के अलावा 3 नये पीकू गगहा, पिपरौली एवं चैरी चैरा में आरम्भ कर दिये गये है जहां पर प्रशिक्षित डाक्टर, नर्स व पैरामेडिकल स्टाफ भी तैनात किये गये है। उन्होंने लोगों से अपील किया कि जेई/एईएस की बीमारी से बचाव के लिए अपने आस पास सफाई रखें, शुद्ध पेयजल का प्रयोग करें तथा बुखार होने पर 102/108 एम्बुलेंस की मदद से बच्चे को तत्काल निकटवर्ती पीएचसी/सीएचसी पर बने ईटीसी सेन्टरों पर लेकर आयें। उन्होंने कहा कि किसी बच्चे की मृत्यु न हो इसके लिए सबको मिलकर प्रयास करना होगा।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी श्रीकान्त तिवारी ने बताया कि 2 जुलाई से 31 जुलाई तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह मनाया जा रहा जिसमें 16 से 31 जुलाई तक दस्तक-2 अभियान चलाया जायेगा। दस्तक-2 अभियान में 11 विभाग मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि 3 पीकू के अलावा जिला अस्पताल के पीकू वार्ड में 5 बेड और बढ़ाकर 17 बेड का कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी में समय बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इसलिए तत्काल डाक्टर के पास जाये। इसके अतिरिक्त लखनऊ से आये डाॅक्टर प्रकाश इन्दु ने निदेशालय स्तर पर की जा रही तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि टाटा की तरफ से चार मोबाइल यूनिट भी दी जा रही है जिसमें प्रशिक्षित डाक्टर तैनात रहकर लोगों का इलाज करने में मदद करेंगे।
मुख्य विकास अधिकारी अनुज सिंह सहित विभिन्न जनपदीय अधिकारी व अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
Published on:
2 Jul 2018, 8:13 PM IST
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