
फोटो सोर्स: पत्रिका, समीक्षा बैठक लेते सीएम योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर आखिरकार गाज गिर ही गई, लापरवाही पर भड़के सीएम ने कड़ी कारवाई का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक से अनुपस्थित इन अधिकारियों का वेतन मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने रोक दिया। सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भी लिखा गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में रविवार को एनेक्सी भवन में विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक थी।
इनमें सीएंडडीएस यूनिट 14, 19 और 42 (तीनों यूनिट) के परियोजना प्रबंधकगण, उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ (यूपीआरएनएसएस)-प्रथम के अधिशासी अभियंता और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देते हुए मरीज माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। योगी ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ व समृद्ध बनाने पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश में माफियाराज ध्वस्त हो गया है। मेडिकल पेशे में कभी-कभी एंबुलेंस माफिया या मरीजों को भर्ती कराने में बिचौलियों के खेल की शिकायतें आती हैं। इस पर सतत सख्ती जरूरी है। ऐसी कार्रवाई की जाए जिससे मेडिकल फील्ड में कोई माफिया पनपने न पाए।
समीक्षा बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री एवं बांस गांव के सांसद कमलेश पासवान, गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, राजेश त्रिपाठी, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, सीपी चंद और प्रशासन व विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Published on:
25 Aug 2025 10:59 am
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