
गिरफ्तार आरोपी (सोर्स: पत्रिका)
Gorakhpur News: ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में सट्टेबाजी और संदिग्ध बैंक खातों के जरिए हर दिन लाखों रुपये का लेनदेन करने वाले गिरोह का गोरखपुर की शाहपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थानाध्यक्ष अंजय कुमार सिंह और साइबर दारोगा उपेंद्र कुमार सिंह की टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन वांछित अभियुक्त फरार हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन लैपटॉप, 23 मोबाइल फोन, एक मिनी लैपटॉप, तीन टैबलेट, 11 एटीएम कार्ड, 16 बैंक पासबुक समेत अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, बरामद उपकरणों में ऑनलाइन लेनदेन और गेमिंग पोर्टल से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं।
एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि गिरोह ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल के जरिए बैंकों के म्यूल खातों का इस्तेमाल कर सट्टे की रकम का लेनदेन करता था। गिरोह का कथित मुख्य सरगना नीतीश सिंह एलएलबी फाइनल ईयर का छात्र है, जबकि अन्य आरोपी अभय कुमार सिंह, वाजिद चौधरी, साहिल चौधरी और मुन्ना कुमार स्नातक स्तर के छात्र बताए गए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे ‘रेडी अन्ना’ नामक पोर्टल का पैनल खरीदकर उसकी ब्रांच के रूप में कार्यालय चला रहे थे। लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते और इन्हीं खातों के जरिए सट्टे की रकम इधर से उधर की जाती थी। प्रतिदिन लाखों रुपये के लेनदेन से होने वाली कमाई को आरोपी आपस में बांटते थे।
पुलिस अब फरार तीन आरोपियों की तलाश के साथ गिरोह के बैंक खातों और लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है। प्रेस वार्ता के दौरान सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह भी मौजूद रहे। कार्रवाई करने वाली टीम में उपेंद्र कुमार सिंह, अंजय कुमार सिंह समेत उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र पांडेय, सत्यम सिंह, चंद्रभान सिंह, सुदीप सिंह और पुलिसकर्मी शामिल रहे।
गोरखपुर के रामगढ़ताल क्षेत्र में एएनटीएफ की टीम ने गुरुवार सुबह तीन किलो ‘ओजी गांजा’ के साथ पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया। बरामद गांजे की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई जा रही है। गांजा अर्टिगा कार जीजे-15 एए-8841 से बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में गांजे की खेप थाईलैंड से आने की जानकारी सामने आई है। पुलिस और एएनटीएफ अब इसके सप्लायर और पूरे नेटवर्क की तलाश कर रही है।
Updated on:
20 Aug 2026 05:47 pm
Published on:
20 Aug 2026 05:47 pm
