2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ट्रेनें क्यों लेट चल रही हैं केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ने बताई वजह

गोरखपुर पहुंचे रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने मानव रहित समपारों के बारे में रेलवे की योजना को भी किया साझा
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

गोरखपुर

•

image

Dheerendra Vikramadittya

•

Updated: 6 May 2018, 6:06 AM IST

manoj sinha

गोरखपुर। हमसफर को सप्ताह के सातों दिन चलाने का शुभारंभ करने आए रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने रेलवे की उपलब्धियां गिनाने के साथ ट्रेनों की लेटलतीफी की वजह भी बताई। उन्होंने मानवरहित समपारों पर रेलवे की योजना को भी साझा किया।
गोरखपुर पहुंचे सिन्हा ने ट्रेनों के लेट चलने की वजह रेलवे ट्रैक पर काम और विस्तार को बताया। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल में भी ट्रेनों के लेट चलने की लगातार यात्रियों से शिकायतें मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि ट्रैक से जुड़ा काम अब खत्म होने को है और जल्द ही ट्रेने अपने तय समय पर मिलने लगेगी।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में पूर्वोत्तर रेलवे में इतना काम हुआ है, जितना 30-40 वर्षों में नहीं हुआ। 2014 के पहले पूर्वोत्तर रेलवे का बजट मात्र 1100 करोड़ होता था, अब वह 7200 करोड़ रुपये हो गया है। रेल लाइन के दोहरीकरण, विद्युतीकरण, रेलवे ओवरब्रिज, क्रॉसिंग बंद करने समेत कई काम तेजी से हो रहे हैं।
रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि भारतीय रेलवे अपनी सेवाओं में काफी विस्तार कर रही है। अगले वर्ष होने वाले कुंभ मेले के लिए भी भारतीय रेलवे ऐतिहासिक इंतजाम में जुट गई है ताकि कुंभ मेले में जाने वाले यात्रियों को कोई परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि वर्तमान बीजेपी सरकार में गत चार वर्षों में भारतीय रेल में काफी कार्य किये गए हैं। भारतीय रेल के लिये बजट आवंटन को बढ़ाकर 7200 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
रेल राज्यमंत्री सिन्हा ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे में पिछले चार वर्षों में 410 किमी. नई रेल लाइन के निर्माण किया गया है। साथ ही 576 किलोमीटर रेल लाइन का दोहरीकरण, 293 किमी. आमान परिवर्तन और 2156 किमी. रेलपथ का विद्युतीकरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द भारतीय रेल की सभी रेल लाइनों का विद्युतीकृत किया जाएगा। साथ ही मानवरहित समपारों को भी पूरी तरह समाप्त करने की योजना पर काम चल रहा है।