6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

गोरखपुर एयरपोर्ट पर बम की सूचना से हड़कंप… 40 मिनट तक यात्रियों में मची रही अफरा-तफरी

गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब गोरखपुर एयरपोर्ट पर बम होने की सूचना मिली,इसके चंद मिनट में ही पूरे एयरपोर्ट परिसर को सील कर दिया गया।
2 min read
Google source verification

गोरखपुर एयरपोर्ट पर गुरुवार आगंतुक हॉल के बाहर बम होने की सूचना मिलते ही चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान यात्रियों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस, सुरक्षा टीम, मेडिकल यूनिट, फायर ब्रिगेड और डॉग स्क्वॉड पूरे परिसर के चप्पे चप्पे पर खोजबीन शुरू कर दिए।

यह भी पढ़ें: कमिश्नर सहित कई अधिकारियों के आवास बिहार सरकार की जमीन पर, क्या कब्जे में लेगी बिहार सरकार

सुबह साढ़े दस बजे आगंतुक हॉल में बम की सूचना

जानकारी के मुताबिक गुरुवार सुबह 10:30 बजे एयरपोर्ट प्रशासन को आगंतुक हॉल के बाहर एक संदिग्ध बैग में बम होने की सूचना मिली। तुरंत बम थ्रेट रिव्यू कमेटी को जानकारी दी गई। महज 10 मिनट के भीतर यात्रियों और स्टाफ को एयरपोर्ट से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान एयरपोर्ट सुरक्षा यूनिट, भारतीय वायुसेना की डॉग स्क्वॉड और BDDS टीम ने मौके पर पहुंचकर बैग की जांच की।10:40 बजे BDDS टीम ने बैग की जांच शुरू की, लेकिन इससे पहले ही डॉग स्क्वॉड ने यह सुनिश्चित कर दिया कि बैग में केवल एक डमी है। इसके बाद पूरे इलाके को सुरक्षित घोषित किया गया।

यह भी पढ़ें: बॉयफ्रेंड के टार्चर से आहत गोरखपुर की महिला पायलट ने किया सुसाइड, सीएम योगी कर चुके थे सम्मानित

मॉक ड्रिल होने की सूचना पर यात्रियों ने ली राहत की सांस

एयरपोर्ट प्रशासन ने 40 मिनट तक चली इस पूरी प्रक्रिया को एक मॉक ड्रिल करार दिया। एयरपोर्ट निदेशक आर.के. वार्ष्णेय ने बताया, “सुरक्षा की तैयारियों को जांचने और आपात स्थिति से निपटने की प्रक्रिया को परखने के लिए हर साल मॉक ड्रिल की जाती है। यह ड्रिल नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो के दिशा-निर्देशों के तहत की गई थी।ड्रिल के दौरान एयरपोर्ट प्रशासन, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं के बीच जबरदस्त तालमेल देखने को मिला।

मॉक ड्रिल में दिखा सभी विभागों का जबरदस्त तालमेल

मौके पर प्रचालन प्रभारी विजय कुमार कौशल, मुख्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश कुमार गुप्ता, वायुसेना की टीम, जिला अग्निशमन अधिकारी जे.जे. सिंह और चिकित्सा सेवाओं की टीम मौजूद रही। सभी ने अपनी भूमिका को बखूबी निभाया।ड्रिल खत्म होने के बाद यात्रियों और कर्मचारियों को वापस एयरपोर्ट में प्रवेश की अनुमति दी गई।