सीएम योगी ने कहा कि अगर प्रदेश का कोई खिलाड़ी ओलंपिक गेम (एकल) में स्वर्ण पदक प्राप्त करता है तो उसे 6 करोड़, रजत प्राप्त करने पर 4 करोड़ और कांस्य पदक प्राप्त करने पर 2 करोड़ और प्रतिभाग करने पर 10 लाख रुपये और टीम को स्वर्ण पदक पर 3 करोड़, रजत पर 2 करोड़, कांस्य पदक पर 1 करोड़ और प्रतिभाग करने पर 10 लाख रुपये की सहायता सरकार द्वारा प्रदान की जाती है।
कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स (एकल) में स्वर्ण पदक पर 50 लाख, रजत पदक पर 30 लाख और कांस्य पदक पर 15 लाख और प्रतिभाग करने पर 5 लाख रुपये और टीम को स्वर्ण पदक पर 30 लाख, रजत पदक पर 15 लाख और कांस्य पदक पर 10 लाख और प्रतिभाग करने पर 5 लाख रुपये की सहायता सरकार की तरफ से दी जाती है। सीएम योगी ने कहा कि इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त करने पर भी सरकार द्वारा खिलाड़ियों को विभन्न खेलों में सम्मान जनक राशि प्रदान की जाएगी।
सीएम योगी ने कहा महिला और पुरुष खिलाड़ियों को खेलों में प्रोत्साहन देने के लिए लक्ष्मण पुरस्कार और रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार की शुरुआत की गई है। आपदाग्रस्त और वृद्ध खिलाड़ियों के लिए प्रदेश स्तर पर 4 हजार, राष्ट्रीय स्तर पर 6 हजार, अन्तराष्ट्रीय स्तर पर 10 हजार, अर्जुन और द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त, खेल के क्षेत्र में पद्मश्री व पद्मविभूषण से सम्मानित खिलाड़ियों के लिए 20 हजार रुपये की सहायता सरकार द्वारा की जा रही है।
सीएम योगी ने कहा कि 25 वर्षों बाद प्रदेश सरकार ने कल ही शिक्षा पर प्रति खिलाड़ी व्यय को 600 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये, किट पर व्यय को 2500 से 5000, चिकित्सा व्यय को 1000 से 2000, उपकरण राशि को 1500 से बढ़ाकर 6000 किया गया है। सीएम योगी ने कहा कि भविष्य में ये खिलाड़ी केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा के साथ देश का नाम रोशन करेंगे।