
अगर कमाने है खूब सारे पैसे और जीना है लक्ज़री लाइफ तो मैं Dubai Airport में नौकरी लगवा देता हूँ , और सेल्समेन हो गया लाखों की ठगी का शिकार !
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में बनने वाले देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट (Largest Airport in India) के लिए अगामी 6 नवंबर का दिन बहुत अहम होने वाला है। कारण, इस दिन जेवर एयरपोर्ट (Jewar International Airport) की तकनीकी बिड खोली जाएगी। इसके लिए बीस कंपनियों ने बिड डॉक्यूमेंट (Bid Document) खरीद था। दरअसल, 30 मई को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंपनी लिमिटेड (NIAL) ने जेवर एयरपोर्ट की वैश्विक बिड जारी की थी। जिसमें देश-विदेश की बीस कंपनियों ने एयरपोर्ट के निर्माण एवं संचालन को लेकर बिड डॉक्यूमेंट खरीदे हैं।
29 को खोली जाएगी फाइनेंशियल बिड
छह नवंबर को नियाल द्वारा जेवर एयरपोर्ट की तकनीकी बिड खोली जाएगी। इसमें अधिकतम छह कंपनियों का ही चयन हो सकता है। वहीं जिन कंपनियों का तकनीकी बिड में चयन होगा उनकी फाइनेंशियल बिड 29 नवंबर को खोली जाएगी। इस बाबत जानकारी देते हुए नियाल के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि छह नवंबर को जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तकनीकी बिड खोली जाएगी। इसमें अधिकतम छह कंपनियों का चयन किया जाएगा।
किसानों ने सीएम योगी को सौंपे कब्जा पत्र
इसके साथ ही जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए अस्सी फीसद जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। इसकी एवज में उन किसानों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में मुआवजे का चेक सौंपेंगे, जिनकी जमीन पर प्रशासन द्वारा कब्जा ले लिया गया है। किसान बुधवार को मुआवजा लेने के लिए जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में बस से लखनऊ के लिए रवाना हुए। किसान 24 हेक्टेयर जमीन का कब्जा पत्र मुख्यमंत्री की उपस्थिति में सौंपे।
ग्रेटर नोएडा नहीं आ सके सीएम योगी
जानकारी के लिए बता दें कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की बिड के लिए अस्सी फीसद जमीन कब्जे में होना जरूरी है। जिला प्रशासन ने इस लक्ष्य को पूरा कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों किसानों को मुआवजा वितरण कराने की योजना बनाई थी। मुख्यमंत्री से ग्रेटर नोएडा आने का अनुरोध किया गया था, लेकिन व्यस्तता के चलते मुख्यमंत्री ग्रेटर नोएडा नहीं आ सके।
इन गावों की जमीन का हुआ अधिग्रहण
उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट के लिए जेवर के रोही, पारोही, रन्हेरा, किशोरपुर, दयानतपुर व बनबारीवास गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। कुल 1239 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, जबकि करीब 94 हेक्टेयर जमीन का पुनर्ग्रहण होना है।
Updated on:
30 Oct 2019 02:25 pm
Published on:
30 Oct 2019 02:23 pm
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