
मेरठ के मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने बुधवार को प्राधिकरण की निर्माणधीन योजनाओं का जायजा लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा साफ शब्दों में कि अवैध कॉलोनी बसने वालों के साथ इस मामले में जिम्मेदार प्राधिकरण के अफसरों को भी भूमाफिया घोषित किया जाएगा। साथ ही अवैध कब्जे को हटाने के लिए विशेष दस्ता बनाने का कार्य भी किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्राधिकरण के सभी अधिकारियों को जन समस्याओं पर ध्यान देना होगा। अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी आमजन को परेशान करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने बुधवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ का पदभार संभाल लिया है।
शहर में अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त
यहां अतिरिक्त प्रभार के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद नए सीईओ सुरेंद्र सिंह ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि नोएडा में प्रवेश द्वार हैं, पर ग्रेटर नोएडा में ऐसा नहीं है। यहां भी स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शहर में सड़क हादसों को रोकने के लिए अगले एक महीने के भीतर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। सीईओ ने बताया कि सड़कों के किनारे पर ग्रीन बेल्ट और पार्कों में छोटे-छोटे पेड़ लगाए गए हैं। यहां पेड़ों की प्रजातियों और उनकी उम्र का भी ध्यान दिया जाएगा। शहर में अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा। गुरुवार या शुक्रवार से कार्रवाई शुरू हो जाएगी। इसके लिए विशेष दस्ता बनाया जाएगा जिसमें आर्मी के रिटायर्ड जवान भी शामिल होंगे।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया
नवनियुक्त सीईओ ने कहा कि शहरवासियों के लिए फ्लैट खरीदने में राहत दिलाई जाएगी और बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई होगी। शहर में बनने वाले वेंडिंग जोन आदर्श होंगे। यहां वाई-फाई और म्यूजिक सिस्टम की व्यवस्था होगी। बैठने के लिए स्थान होगा। एक महीने में यह काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर में साप्ताहिक बाजार तय किए जाएंगे। ये तय स्थान पर ही लगेंगे। तय जगह से अलग बाजार लगे तो जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी को सस्पेंड किया जाएगा। इसके बाद वह ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के एंट्री प्वाइंट पहुंचे, जहां उन्होंने लेन मार्किंग की खराब गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि अगर इसे तत्काल दुरुस्त न किया गया तो ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
Published on:
5 May 2022, 11:01 AM IST
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