
ग्रेटर नोएडा. एयरपोर्ट के साथ ही नोएडा और ग्रेटर की तस्वीर बदल जाएगी। हालांकि नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास के लिहाज से यूपी के बेहतर शहर माने जाते है। स्पोटर्स सिटी, इंडस्ट्री, एजूकेशन हब के अलावा अन्य क्षेत्र में देश के साथ—साथ विदेश में भी अपनी पहचान बनाई है। यहीं वजह है कि इस एरिया में विदेशी उद्योगपति भी कंपनी स्थापित करना चाहते है। कई देशों के उद्योगपतियों के साथ यमुना और ग्रेटर नोएडा अधिकारियोें के बीच में एमओयू साइन हो चुका है।
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जेवर एयरपोर्ट के साथ में नोएडा-ग्रेटर नोएडा ही नहीं बल्कि वेस्टर्न यूपी के विकास को पंख लग जाएंगे। इसके अलावा जेवर से सटे अन्य राज्यों का भी विकास भी होगा। दअरसल में अभी सेे ही देश और विदेश के निवेशक इस एरिया मेंं रुचि दिखा रहे है। विदेशी निवेशक कंपनी लगाने के लिए आए दिन साइट विजिट कर रहे है। जेवर एयरपोर्ट की वजह से लखनउ में आयोजित हुए इन्वेस्टर्स समिट में यमुना और ग्रेटर नोएडा में साढ़े 17 हजार करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी मिल चुकी है।
इस क्षेत्र में अडानी ग्रुप रुचि दिखा चुका है। अडानी ग्रुप ढाई हजार एकड़ जमीन पर लॉजेस्टिक पार्क, इंटरनैशनल यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज बनाएगा। यहां अस्पताल बनाने की तैयारी है। इसके निर्माण के बाद में एक तरफ जहां युवाओं को रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा ताइवान समेत कई देश के निवेशक भी इस एरिया में कंपनी लगाने की रुचि दिखा चुके है। निवेशक और अथॉरिटी अधिकारियों के बीच में एमओयू साइन हो चुका है।
विकास में आएगी रफ्तार
कंपनियों के साथ-साथ ट्रॉसपोर्ट, होटल इंडस्ट्री को भी पंख लगेंगे। इसका फायदा यह होगा कि आने वाले दिनों में रोजगार के अवसर पर बढ़ जाएंगे। जेवर एयरपोर्ट से दिल्ली-एनसीआर, वेस्टर्न यूपी, हरियाणा, राजस्थान आदि के लिए कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी।
ट्रॉसपोर्ट की बेहतर होगी कनेक्टविटी
जेवर एयरपोर्ट से दिल्ली, हरियाणाा समेत कई राज्य को पास लाने के लिए प्रदेश व केंद्र सरकार की तरफ से पहल की जा रही है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की शुरूआत होने के बाद मेंं दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल आदि राज्यों से आना जाना आसान हो जाएगा। वहीं मेट्रो, रेल, हाईस्पीड ट्रेन को भी दौड़ाने का प्रयास सरकार की तरफ से किया जा रहा है।
किसानों को होगा फायदा
जेवर एयरपोर्ट बनने के बाद में किसानों को भी फायदा होगा। योजना के अनुसार किसानों को फायदा देने के लिए जेवर में विश्व की सबसे बड़ी बनाने की भी तैयारी की जा रही है। मंडी बनने के बाद में किसान फल, दूध, सब्जी आदि के अलावा अन्य वस्तुओं का भी निर्यात आसानी से कर सकते है।
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Published on:
29 Apr 2018, 4:10 PM IST
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