
पतजंलि आयुर्वेद फूड पार्क मामले में हाईकोर्ट से बाबा रामदेव को मिली बड़ी राहत
नोएडा। पतजंलि आयुर्वेद फूड पार्क बनाने के लिए करीब 3 हजार पेड़ काटने के मामले में कपंनी और बाबा रामदेव को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। कोर्ट ने डीएम नोएडा को मामले की जांच कर काटे गए पेड़ों का मुआवजा तय करने का आदेश दिया था। कंपनी से जिला प्रशासन को काटे गए पेड़ों का मुआवजा वसूलने के भी आदेश दिए गए है।
साल 2016 में उत्तर प्रदेश में तत्कालीन सपा सरकार ने पतंजलि के आयुर्वेद फूड पार्क की नींव रखी थी। 455 एकड़ में बनने वाले फूड पार्क में 1666.8 करोड़ रुपए के निवेश से तैयार किया जाना था। फूड पार्क को तैयार होने के बाद में 8 हजार से ज्यादा लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा।
सुत्रो की माने तो फूड पार्क बनाने के लिए बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए थे। दरअसल में सरकार ने यह जमीन ग्रामसभा से वापस ली थी। जमीन यमुना एक्सप्रेवे अथॉरिटी को औद्योगिक विकास के लिए दी गई थी। अथॉरिटी ने बाबा रामदेव की कंपनी को इस जमीन को आवंटित किया था। आरोप है कि कंपनी ने 3 हजार से अधिक पेड़ काट डाले। जिसके मुआवजे के लिए याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट ने कहा कि राजस्व संहिता नियमावली के नियम 55(3) के तहत पेड़ लगाने वालों को मुआवजा पाने का हक माना है। हालाकि यमुना अथॉरिटी ने कहा है कि पेड़ किसने काटा, यह भी तय नहीं है। अब कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए डीएम को मुआवजा तय कर भुगतान करने का निर्देश दिया है।
Published on:
23 Oct 2018 04:32 pm
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