
ग्रेटर नोएडा. यूपी की पूर्व सीएम मायावती के ड्रीम प्रोजेक्ट कांशीराम आवास कॉलोनी के आवंटन में जमकर खेल हुआ है। प्रशासन ने फिलहाल जांच पूरी कर ली है। जांच में 105 लोग अपात्र पाए गए हैं। मिलीभगत के चलते अपात्रों लोगों को आवास आवंटन करने का मामला सामने आया है। प्रशासनिक अफसरों की मानें तो अब अपात्रों को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है।
एडीएम प्रशासन कुमार विनीत ने बताया कि डीएम के आदेश पर कांशीराम आवास के आवंटन के संबंध में नगर मजिस्ट्रेट नोएडा की अध्यक्षता में गठित कमेटी के द्वारा इस संबंध में जांच की गई। समिति को 105 आवास अपात्र व्यक्तियों को आवंटित होना सामने आया है। इस संबंध में सभी अपात्र कांशीराम आवास के आवंटन के संबंध में संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। एडीएम कुमार विनीत ने बताया कि पीओ डूडा व पीडी डीआरडीए अवधेश कुमार के द्वारा भी इस संबंध में जांच की जा रही थी। कुछ पत्रावलियां ऐसी लग रही हैं कि कांशीराम आवास जिसके नाम आवंटित हैं, उनकी फाइलों से छेड़छाड़ करते हुए कुछ बदलाव किया गया है। इस संबंध में गहनता से जांच की जा रही है। फाइलों में बदलाव का मामला सामने आता है तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिस भी अफसर व कर्मचारी का नाम सामने आता है तो उसे भी छोड़ा नहीं जाएगा। एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, शुरुआत से ही कांशीराम कालोनी में अपात्रों को मकान आवंटन करने के आरोप लगे थे। इस मामले की जांच के लिए डीएम ने नगर मजिस्ट्रेट को जांच कर रिपोर्ट मांगी थी। इनके अलावा पीओ डूडा व पीडी डीआरडीए अवधेश कुमार से भी जांच कराई जा रही थी। अब 500 कांशीराम आवास की जांच पूरी कर ली गई है। इनमें 105 अपात्रों को आंवटन करने का मामला प्रशासनिक अफसरों के सामने आया है। बता दें कि बीएसपी सुप्रीमो व पूर्व यूपी की सीएम मायावती के ड्रीम प्रोजेक्ट में से कांशीराम आवास योजना भी एक है। योजना के तहत गरीबों को फ्री में मकान मुहैया कराए गए थे। इन मकानों को बेचने की भी जांच कराई जा रही है। मकान लेकर उन्हें दूसरे को बेचने के मामले भी सामने आए हैं। अभी अफसर मामले की जांच में जुटे हैं।
Published on:
16 Dec 2017 10:04 am
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