
भुजरिया बदलीं और दूर किए गिले-शिकवे
गुना. राखी के त्योहार के दूसरे दिन भुजरिया पर्व शहर से लेकर पूरे जिलेभर में उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया। शहर के भुजरिया तालाब पर शाम को पूजन अर्चन के साथ ही भुजरिया का मेला लगाया। तालाब में भुजरिया विसर्जन के साथ ही भुजरिया मिलन के कार्यक्रम हुए। लोगों ने भुजरिया बदलकर एक दूसरे के गले मिलने और अपने गिले शिकवे दूर किए।
भुजरिया पर्व आपसी भाईचारे का प्रतीक है। शहर में कई जगह लोगों ने भुजरिया मिलन समारोह रखे और एक दूसरे को भुजरिया पर्व की शुभकामनाएं दीं। गुना।विद्यायक पन्नालाल शाक्य ने बैजू चौराहा पर भुजरिया मिलन समारोह मनाया। जयस्तंभ चौराहा पर सुनील मालवीय और इसी तरह कई जगह लोगों ने समारोह रखे। उधर, आरोन, राघौगढ़, म्याना आदि स्थानों पर भी भुजरिया मिलन समारोह हुए।
आपसी भाईचारे और सौहार्द का त्योहार है भुजरिया
शहर में भुजरिया पर्व आपसी सौहार्द और भाईचारे के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। शहर में हिंदू मुस्लिम सब एक दूसरे से मिलकर यह पर्व मनाते हैं। इसके अलावा विभिन्न संस्थाओं द्वारा बाजार में स्टाल लगाकर भुजरिया मिलन समारोह रखा जाता है। नेताओं से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओंने भुजरिया पर्व को उत्साह से मनाया और शहर में बेहतर माहौल बनाने पर जोर दिया।
झागर बीनागंज, और आरोन में निकले जुलूस
झागर/आरोन/बीनागंज में विकास खंड बमोरी के ग्राम पंचायत झागर और आस पास के गॉवों में भुजरिया का पर्व खूब धूमधाम से मनाया गया। झागर के साथ धाननखेडी, उकावद कला, खडकपुर, साबरा मोदी, बक्शनपुर, सूजा खेडी, बनेह, सुहाया सहित कई गांवों में चल समारोह निकले। भुजरिया विसर्जन के साथ ही भुजनिया मिल हुए। उधर, आरोन नगर की पुरानी मंडी में ग्वाल समाज एक ही अलग पहचान रखता है। लेंगी खेलकर भुजरिया पर्व मनाया जाता है। इस साल भी ग्वाल समाज के पुरुषों एवं महिलाओं ने डांडिया खेला। यह आयोजन यहां काफी पुराना है। उधर, भुजरिया पर्व बीनागंज नगर में भी उत्साह के साथ मनाया गया। उल्लेखनीय है कि जिलेभर में भुजरिया पर्व उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। कई जगह भुजरिया मिलन समारोह रखे गए।
Published on:
28 Aug 2018 04:52 pm
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