24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

शादी के लिए परेशान कर रहा था संजीव, गुना में परेशान युवती ने दी जान

Girl Death Marriage Pressure: शादी का दबाव बना रहा था सिरफिरा, चौराहे पर शव रख 30 मिनट तक परिजन ने किया चक्काजाम, परिजनों का आरोप, तीन बार शिकायत लेकर थाने पहुंचे लेकिन पुलिस ने भी नहीं की सुनवाई।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

गुना

•

image

Shailendra Sharma

•

Updated: 24 Oct 2026, 6:44 PM IST

Girl Death Marriage Pressure

youth harassment marriage pressure girl death family protest, युवती की मौत पर प्रदर्शन करते परिजन (Source-Patrika)

Guna Girl Death Marriage Pressure: मध्यप्रदेश के गुना के बजरंगगढ़ के सिरसी खुर्द में 19 वर्षीय युवती की मौत के बाद परिजनों ने गांव के ही एक युवक पर परेशान करने और शादी के लिए दबाव बनाने के आरोप में हंगामा कर दिया। शनिवार शाम करीब 4 बजे जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजन शिकायत लेकर बजरंगगढ़ थाने पहुंचे। उनका आरोप है कि तीन बार थाने जाने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई और एफआइआर दर्ज नहीं की गई। इससे नाराज परिजनों ने हनुमान चौराहे पर चक्काजाम कर दिया।

शादी के लिए दबाव बना रहा था युवक- परिजन

परिजनों का आरोप है कि गांव का ही एक सिरफिरा युवक संजीव फोन कर लगातार परेशान कर शादी करने का दबाव बना रहा था। युवक की कथित प्रताड़ना से बेटी इस कदर तनाव में थी कि उसने अपनी जान दे दी। परिजनों ने बताया कि पूरा परिवार खेत पर मक्का की फसल निकालने गया था, बेटी घर पर अकेली थी ौर जब घर लौटकर आए तो बेटी को मृत पाया। परिजन का ये भी आरोप है कि संजीव कई बार घर में आकर भी धमकी दे चुका था। उसे व उसके पिता को समझाने का प्रयास किया लेकिन वो नहीं माना और बेटी को परेशान कर रहा था।

तीन बार थाने में की शिकायत- परिजन

परिजनों के मुताबिक आरोपी संजीव के द्वारा बेटी को परेशान करने की शिकायत उन्होंने तीन बार थाने में भी की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसलिए मजबूरन उनकी बेटी को यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। परिजनों के द्वारा रोड पर जाम लगाने की सूचना मिलते ही प्रशासन व पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाने की कोशिश की। अधिकारियों के सामने भी परिजनों ने आरोप लगाया कि वे युवक की शिकायत लेकर तीन बार बजरंगगढ़ थाने गए, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। सीएसपी सैफा हाशमी और तहसीलदार मयंक तिवारी सहित अन्य अधिकारियों ने परिजनों की पूरी बात सुनकर ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने सड़क से शव उठाया, तब कहीं जाकर यातायात बहाल हो सका।