
MLA Aminul Islam
(पत्रिका ब्यूरो,गुवाहाटी): असम के एक कॉलेज में ड्रेस पहने को लेकर हंगामा हो गया। असम के नगांव के आनंदराम ढेकियाल फुकन(एडीपी) कालेज में एक लड़की बुर्का पहनकर आती है। कॉलेज के प्रिंसिपल ने एक नोटिस जारी किया कि सर्दी में सभी कालेज की ड्रेस पहनकर आए। विपक्षी पार्टी एआईयूडीएफ के धींग के विधायक आमिनुल इस्लाम ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाला जिसमें उन्होंने नाराजगी जताते हुए माहौल के भगवाकरण करने का आरोप लगाया।
छात्रों को पूरी ड्रेस पहनने के लिए दिया था नोटिस-प्रिंसिपल
उन्होंने कहा कि इसमें कोई नुकसान नहीं है अगर कोई छात्रा ‘हिजाब’ और ‘नकाब’ पहनकर कॉलेज आती है। एडीपी कॉलेज के प्रिंसिपल सुरजीत कुमार भागवती ने कहा कि उन्होंने किसी धार्मिक पहनावे पर रोक नहीं लगाई। उन्होंने सर्दियों की छुट्टियों से पहले छात्रों को पूरी ड्रेस पहनने को लेकर नोटिस जारी किया था। उन्होंने कहा कि कॉलेज में करीब 600 मुसलमान विद्यार्थी हैं उनमें से सिर्फ विधायक की बेटी बुर्का पहनकर आती है। कॉलेज में लगभग तीन हजार विद्यार्थी है। लेकिन विधायक ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जताई तो सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक और अश्लील टिप्पणियां की गई है। कुछेक ने तो हमले की भी धमकी दी है। इसलिए मैंने सुरक्षा के लिहाज से नगांव के पुलिस अधीक्षक को इस मामले में सूचित किया है। प्रिंसिपल ने कहा कि मैंने विधायक की लड़की से कुछ नहीं कहा। सिर्फ सभी के लिए ड्रेस पहनने की बात कही है।
विधायक इस्लाम ने 24 अक्टूबर के अपने पोस्ट में लिखा है कि कॉलेज के 60 साल के इतिहास में ऐसा फैसला कभी नहीं लिया गया। मैं जानना चाहूंगा कि भारत के संविधान में या राज्य के राजपत्रित अधिसूचना में कहां लिखा है कि व्यक्ति ऐसे परिधान नहीं पहन सकता है। असमिया भाषा में लिखे अपने पोस्ट में एडीपी कॉलेज के पूर्व छात्र व विधायक ने लिखा है कि कॉलेज पिछले 60 साल से जाति, पंथ, नस्ल और धर्म पर ध्यान दिए बगैर छात्रों को शिक्षा दे रहा है लेकिन आपने कॉलेज में शिक्षण प्रणाली के भगवाकरण का प्रयास किया है।
Updated on:
27 Oct 2018, 7:33 PM IST
Published on:
27 Oct 2018, 7:33 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.