पॉक्सो एक्ट में तीसरी फांसी, बलात्कारी को उम्रकैद सजा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा...

बालक को पैसे देकर बहलाया-फुसलाया और फिर कुकृत्य कर मार डाला

By: monu sahu

Updated: 07 Jul 2019, 06:53 PM IST

ग्वालियर. नाबालिग बालक से अप्राकृतिक कृत्य कर उसकी हत्या करने वाले योगेश उर्फ योगेश नाथ को शनिवार को सुनाई गई फांसी की सजा के साथ ही एक साल में सत्र न्यायालय में यह तीसरी फांसी की सजा सुनाई गई है। इससे पूर्व दोनों सजाएं भी नाबालिग से बलात्कार व हत्या के अपराध में सुनाई गई थीं।27 जुलाई 18 को जितेन्द्र सिंह कुशवाह को मासूम बालिका से बलात्कार कर उसकी नृशंसतापूर्वक हत्या के अपराध में फांसी की सजा सुनाई गई थी।

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इसके बाद 8 मई 19 को विशेष न्यायाधीश अशोक कुमार शर्मा ने आरोपी मनोज कुमार प्रजापति को मासूम के साथ बलात्कार करने वाले को फांसी की सजा सुनाई गई है। तीनों ही मामलों में न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि आरोपी को तब तक फांसी पर लटकाया जाए जब तक की उनकी मृत्यु न हो जाए। सजा से पहले उच्च न्यायालय से आदेश की पुुष्टि के भी आदेश दिए गए हैं।

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बालक के शरीर पर थी 12 गंभीर चोटें
जांच में पाया गया था कि बालक के शरीर पर एक दर्जन गंभीर चोटें आई थीं। आरोपी की भाभी ने आरोपी को खून से सने कपड़े धोते हुए देखा था। इसकी पुष्टि उसने अदालत में उस शर्ट को देखकर की थी। आरोपी ने जो शर्ट घटना के वक्त पहनी थी उसे देखकर उसकी भाभी ने आरोपी की पहचान की थी। यह शर्ट प्रीतम प्रजापति की थी।

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प्रीतम ने अपनी गवाही में कहा कि जोगेश उसके पड़ोस में रहता है। 28 अप्रेल को जोगेश शादी के लिए उसकी शर्ट मांगने आया था जिसे उसने देने से इंकार कर दिया था। शादी में उसने देखा की आरोपी उसकी शर्ट पहने था। वह शर्ट कब ले गया यह उसे नहीं पता था। इस मामले में अदालत में 27 लोगों की गवाही कराई गई। जिला अभियोजन अधिकारी अब्दुल नसीम ने कहा कि अभियोजन की सशक्त पैरवी के कारण अपराधियों के खिलाफ लगातार कड़े फैसले हो रहे हैं।

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डीएनए से अपराध की पुष्टि
एडीशनल डीपीओ अनिल मिश्रा ने बताया कि मासूम के साथ दुष्कृत्य की पुष्टि डीएनए टेस्ट से भी हुई है। 28 अप्रेल 17 को फरियादी का दस साल का बालक शादी में गया था जब वह लौटा नहीं तो उसकी तलाश की गई। 29 अप्रेल सुबह बरा गांव में एक व्यक्ति बच्चे की लाश को देखा। जांच में पता चला कि आरोपी योगेश नाथ इस बालक को पैसे देकर बहला फुसलाकर दुकान पर ले गया था। यहां उसने पकौड़ी व चुस्की दिलाई इसके बाद वह गांव के क्रेशर के पास बने खंडहर कमरे में ले गया जहां उसने दुष्कृत्य कर बालक की पत्थर मारकर एवं गला दबाकर हत्या कर दी थी।

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घटनास्थल से ही पकड़ा था आरोपी
विशेष न्यायाधीश अशोक शर्मा ने नाबालिग बालिका से बलात्कार करने वाले रामहेत आदिवासी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर कुल तीस हजार रुपए का जुर्माना भी किया गया है। न्यायाधीश अशोक शर्मा ने आरोपी रामहेत उम्र 36 साल को सजा सुनाते हुए कहा कि समाज में मासूम बच्चों के साथ हो रही घटनाओं को देखते हुए आरोपी को कठोर दंड दिया जाना जरूरी है। लिहाजा अपराधी रामहेत आदिवासी को धारा पॉक्सो एक्ट के अपराध दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई है। इसके अलावा उसे धारा 366 के अपराध में दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

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लालच देकर ले गया आरोपी
अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार जैन ने बताया कि 16 सितंबर 17 को फरियादिया ने कमलराजा अस्पताल में घाटीगांव थाने की उपनिरीक्षक को देहाती नालिसी लेख करायी कि 16 सितंबर को 12 बजे उसके चाचा की लडक़ी चचेरी बहन के साथ हैंडपंप पर नहाने गई थी तभी वहां रामहेत आया और उसे लालच देकर अपने साथ ले गया। दूसरी लडक़ी ने घर पर जाकर बताया तो इसके बाद परिवार के सभी लोग उसे देखने के लिए निकल पड़े। रास्ते में पेट्रोल पंप के पीछे लडक़ी के रोने की आवाज आई तो लोगों ने देखा कि आरोपी उसके साथ दुष्कृत्य कर रहा है। इस पर उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।

 

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