शिक्षक से मिली एक चॉकलेट ने बना दिया पर्यावरण प्रेमी, यह है इनका लक्ष्य

शिक्षक से मिली एक चॉकलेट ने बना दिया पर्यावरण प्रेमी, यह है इनका लक्ष्य

monu sahu | Publish: Jul, 26 2019 12:00:01 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

अब तक 83 हजार पौधे रोपे, सात हजार किमी की साइकिल यात्रा पूरी की, 24000 से ज्यादा का लक्ष्य

ग्वालियर। स्कूल में पर्यावरण पर एक कार्यक्रम में प्रोत्साहन के लिए चॉकलेट ने नरपत सिंह राजपुरोहित को पर्यावरण प्रेमी बना दिया। अब तक सात हजार किमी की साइकिल यात्राएं कर चुके इस जुनूनी युवा ने अब पर्यावरण का जागरुकता पर विश्व की सबसे बड़ी यात्रा शुरू की है। करीब सात हजार किमी की साइकिल यात्रा शाम मुरैना पहुंची। यहां गुुरुवार को जीवाजीगंज पार्क और एक स्कूल मेें डेढ़ दर्जन पौधे रोपने के बाद युवा पर्यावरण प्रेमी ने हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम दो पौधे रोपने का आह्वान किया।

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एक स्वीट्स स्टोर पर काम करके 14 हजार रुपए प्रतिमाह कमाने वाले राजपुरोहित अपनी आय का 70 प्रतिशत हिस्सा पर्यावरण संतुलन और जागरुकता के प्रयासों पर खर्च करते हैं। 2013 से इस मुहिम को आगे बढ़ाने वाले नरपत सिंह अब तक 83 हजार से ज्यादा पौधे रोप चुके हैं। अब पर्यावरण के लिए विश्व की सबसे लंबी यात्रा 27 जनवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर में हवाई अड्डे से शुरू की है। वे रोज औसतन 100 किमी की यात्रा साइकिल से कर रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रोंं में भी बेहतर काम करने वाली साइकिल में जीपीएस लगा है। इससे रोज यात्रा का इलेक्ट्रॉनिक लेखाजोखा भी तैयार हो रहा है।

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शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति भी कर रहे जागरुक
नपरत अपनी इस यात्रा में पर्यावरण के साथ अच्छी शिक्षा और अच्छे स्वास्थ्य का संदेश भी दे रहे हैं। जम्मू-कश्मीर से हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान होते हुए वे बुधवार की शाम मुरैना पहुंचे। यहां स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनके बार में जानकारी मिलने पर यहां रोककर स्वागत, सहयोग और सम्मान किया। राजस्थान के बाड़मेर जिले में लंगेरा कोजाणियो की ढाणी निवासी राजपुरोहित वन्य जीव-जंतुओं को पर्यावरण प्रेमी मानते हैं।

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Environment lover Narpat Singh

इसीलिए अब तक 133 हिरण, नौ मोर, चार खरगोश, एक नीलगाय, एक बाज, एक उल्लू को शिकारियों से बचा चुके हैं। दो शिकारियों को भी पुलिस के हाथों पकड़वा चुके हैं। लोगों की जिंदगी बचाने के लिए छह साल में 12 बार रक्तदान भी कर चुके हैं। एक बातचीत में राजपुरोहित ने कहा कि जो व्यक्ति अपने जीवन में दो पौधे लगाकर उनका संरक्षण कर पेड़ न बनाए उसे लकड़ी से जलाने का भी हक नहीं है।

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Environment lover Narpat Singh

शहर में दो जगह किया पौधरोपण
पर्यावरण जागरुकता साइकिल यात्रा लेकर मुरैना पहुंचे राजपुरोहित ने जीवाजीगंज के सार्वजनिक पार्क में 15 से अधिक फल व छायादार पौधे रोपे। वहीं टीएसएस इंटरनेशनल स्कूल में भी बच्चों के साथ पौधरोपण किया और अपने जन्म दिन पर हर साल दो पौधे रोपने का संकल्प दिलाया। इस दौरान समाजसेवी रामकुमार बंसल रामू, सीए प्रकाश अग्रवाल, श्याम गोयल, संजय अग्रवाल, संजीव जिंदल, रामकुमार गर्ग, किशोर गर्ग, अविनाश मंगल, जुगल जिंदल, नितिन अग्रवाल, मनोज गोयल, पदम सिंह राजपुरोहित, रोहित गोलस, पंकज कपूर आदि मौजूद रहे।

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