याचिकाकर्ता लेडी किश्वर के पहले से पांच बच्चे थे। आर्थिक तंगी के चलते उसने 17 मार्च 2004 को जिला अस्पताल, शिवपुरी में नसबंदी (स्टरलाइजेशन) ऑपरेशन कराया था। था। कुछ कुछ समय बाद पेट दर्द होने पर उसकी सोनोग्राफी कराई गई। जांच में वह गर्भवती पाई गई। इसके बाद 25 अक्टूबर 2004 को उसने छठी संतान के रूप में बेटी को जन्म दिया।